एमपी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 में मंगलवार को सहकारिता और गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि बीते दो दिनों में ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट-2025 में लगभग 30 लाख 77 हजार करोड़ रुपये के MoU साइन हुए हैं और जिस प्रकार की कार्ययोजना मध्य प्रदेश सरकार ने बनाई है, उसके तहत अधिकतम MoU जल्द ही जमीन पर भी उतरेंगे। बड़ी इंडस्ट्री के साथ बाकी क्षेत्रों को भी मध्य प्रदेश सरकार की मुहिम में शामिल किया जाएगा। इस समिट में 200 से ज्यादा भारतीय कंपनियां सहित 50 देशों से ज्यादा प्रतिनिधि आए। इस बार मध्य प्रदेश ने नया प्रयोग किया है कि हर क्षेत्र का अलग समिट आयोजित किया जा रहा है।
मध्य प्रदेश का बड़ा सहयोग मिलेगा
अमित शाह ने कहा कि मध्य प्रदेश हमारे देश की भव्य सांस्कृतिक विरासत से समृद्ध राज्य है। मोदी जी के सूत्र "विकास भी, विरासत भी" को मध्य प्रदेश पूरी तरह साकार कर रहा है। उन्होंने कहा कि साल 2027 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने का संकल्प लिया है। मुझे उम्मीद है कि मध्य प्रदेश का इसमें बड़ा सहयोग मिलेगा। कोई भी एक सरकार देश का पूरा विकास नहीं कर सकती। इसमें हर सरकार की भागीदारी जरूरी है। भारत की युवा पीढ़ी के लिए कौशल विकसित करने में सरकार का अहम रोल होगा। मध्य प्रदेश में बेहतर इन्फ्रास्ट्र्क्चर बन चुका है। राज्य के पारदर्शी शासन ने निवेश के लिए काफी लोगों को आकर्षित किया है। मध्य प्रदेश हर तरह से निवेश के लिए आकर्षक जगह बन चुका है।
MSME से जुड़े उद्यमियों का उत्साह चरम पर
इससे पहले मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के माध्यम से पूरे प्रदेश में अनुकूल वातावरण बना है। वर्तमान में MSME से जुड़े उद्यमियों का उत्साह चरम पर है। जिस प्रकार MSME के क्षेत्र में रिस्पॉन्स मिला है, वह और अधिक उत्साहवर्धक है। सातों रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव और इस ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट को मिलाकर अब तक कुल 30.77 लाख करोड़ रुपये के निवेश के लिए MoU हुए हैं।






































