बीजिंग। बाइडेन प्रशासन ने बीजिंग के साथ टकराव को बढ़ाते हुए प्रौद्योगिकी और सुरक्षा के मुद्दे पर सात चीनी सुपर कंप्यूटर अनुसंधान प्रयोगशालाओं और विनिर्माताओं को अमेरिका में निर्यात करने से प्रतिबंधित कर दिया है। गुरुवार को घोषित इस फैसले से संकेत मिलते हैं कि अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने अपने पूर्ववर्ती डोनाल्ड ट्रंप द्वारा चीनी प्रौद्योगिकी कंपनियों के खिलाफ शुरू किए गए सख्त रुख पर बने रहेंगे। इन प्रौद्योगिकी कंपनियों को वाशिंगटन एक जोखिम की तरह मानता है।
पढ़ें- यहां FASTAG है बेकार! इस एप के बिना नहीं मिलेगी Yamuna Expressway पर एंट्री
पढ़ें- भारतीय कंपनी Detel ने पेश किया सस्ता इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर, जबर्दस्त हैं खूबियां
इस फैसले से चीन की सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी की औद्योगिक योजनाओं, अमेरिकी प्रौद्योगिकी तक पहुंच और साइबर हमलों के आरोपों और कारोबार संबंधी गोपनीय बातों की चोरी जैसे मुद्दों पर टकराव बढ़ेगा। वाणिज्य विभाग ने कहा कि इन कंपनियों द्वारा बनाए जाने वाले सुपर कम्प्यूटर का इस्तेमाल चीनी सेना हथियारों के विकास में करती है।
पढ़ें- SBI में सिर्फ आधार की मदद से घर बैठे खोलें अकाउंट, ये रहा पूरा प्रोसेस
पढ़ें- Amazon के नए 'लोगो' में दिखाई दी हिटलर की झलक, हुई फजीहत तो किया बदलाव
ताजा प्रतिबंद्ध शोधकर्ताओं और विनिर्माताओं के लिए अमेरिकी प्रौद्योगिकी तक पहुंच पर रोक लगाते हैं। बाइडेन ने कहा है कि वह बीजिंग के साथ बेहतर संबंध चाहते हैं, लेकिन उन्होंने इस बात के कोई संकेत नहीं दिए हैं कि वह चीनी दूरसंचार उपकरण कंपनी हुआवेई और अन्य कंपनियों पर ट्रंप द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों को वापस लेंगे।
पढ़ें- नया डेबिट कार्ड मिलते ही करें ये काम! नहीं तो हो जाएगा नुकसान
पढ़ें- दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों की प्राइज लिस्ट, जानिए कितने में मिलेगी कार और बाइक