मुंबई। रिजर्व बैंक (RBI) ने किसी भी समय वैश्विक बैंकिंग लाइसेंस प्राप्त करने के लिए बहुप्रतीक्षित दिशानिर्देश जारी कर दिया और इसमें आवेदन के लिए पात्र इकाइयों की सूची से औद्योगिक घरानों को बाहर रखा गया है। इन RBI दिशा निर्देशों के अनुसार औद्यागिक घराने चाहें तो बैंकों में 10 फीसदी तक निवेश कर सकते हैं।
इन दिशा निर्देशों के तहत निजी क्षेत्र में समग्र बैंकिग सेवा वाले बैंक के कारोबार का लाइसेंस प्राप्त करने कि लिए शुरूआती न्यूनतम चुकता वोटिंग शेयर पूंजी 500 करोड़ रुपए रखी गई है। ऐसे बैंक के लिए कंपनी का न्यूनतम नेटवर्थ 500 करोड़ रुपए तय किया गया है। कोई भी व्यक्ति या पेशेवर जो भारत का निवासी है और जिनके पास बैंक एवं वित्त क्षेत्र में वरिष्ठ पदों पर 10 साल तक कार्य करने का अनुभव है वह लाइसेंस के लिए आवेदन कर सकता है। इसी तरह कोई गैर-बैंकिंग वित्तीय
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कंपनी (एनबीएफसी) जिसका नियंत्रण देश के निवासियों के पास है और उनका कम-से-कम 10 साल सफल कारोबार का इतिहास है वह भी इन दिशानिर्देशों के तहत लाइसेंस के लिए आवेदन की पात्र होंगी। पुन: निजी क्षेत्र की इकाइयां समूह जिनका नियंत्रण निवासियों के पास है और कम-से-कम 10 साल के कारोबार का सफल रिकार्ड रहा है तथा उस इकाई या समूह के की सम्पत्ति 5,000 करोड़ रुपए या उससे अधिक की है और जिसका गैर-वित्तीय कारोबार ऐसे समूह की कुल सम्पत्ति या सकल आया के हिसाब से उसके कुल कारोबार के 40 फीसदी या उससे अधिक नहीं है वे भी बैंक चलाने के लाइसेंस के लिए आवेदन की पात्र हो सकती हैं।
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आवेदनकर्ता को उपयुक्त और समुचित आवेदक के मानदंडों को पूरा करना होगा। इसके अनुसार प्रवर्तक (प्रर्वतक इकाई) प्रवर्तक समूह के पास मजबूत वित्त, विश्वसनीयता, ईमानदारी का रिकार्ड और न्यूनतम 10 साल का सफल ट्रैक रिकार्ड होना चाहिए। बैंक में विदेशी अंशधारित मौजूदा एफडीआई (प्रत्यक्ष विदेशी निवेश) के तहत होगा। फिलहाल सकल विदेशी निवेश सीमा 74 फीसदी है। दिशानिर्देश में कहा गया है, लाइसेंस के लिये खिड़की हर समय खुली रहेगी और आवेदनकर्ता किसी भी वक्त RBI को आवेदन दे सकते हैं।