
लातूरः महाराष्ट्र के लातूर जिले में बर्ड फ्लू के खतरे के बीच कुक्कुट पालन केंद्र (पोल्ट्री फार्म) में करीब 4,200 चूजे मरे पाए गए। जानकारी के अनुसार, लातूर जिले के अहमदपुर तहसील के ढालेगांव में एक पोल्ट्री फार्म में करीब चार हजार दो सो बॉयलर चूजों की अचानक मौत हो गई है। इन चूजों के नमूने जांच के लिए पुणे की एक प्रयोगशाला में भेजे गए हैं।
पोल्ट्री फार्म में 4200 मुर्गी के बच्चे मरे पाए गए
अधिकारियों ने बताया कि चूजों की मौत दो तीन दिन में हुई और ‘पोल्ट्री फार्म’ के मालिक ने अधिकारियों को इस संबंध में सूचना तुरंत नहीं दी, जिसके कारण संक्रमण फैल गया और 4,500 चूजों में से 4,200 की मौत हो गईं। अहमदपुर पशु चिकित्सालय के उपायुक्त डॉ.शिवाजी क्षीरसागर ने पोल्ट्री फार्मों के मालिकों से अपील की है कि वे अपने केंद्र का पंजीकरण कराएं और ऐसी घटनाओं की जानकारी स्थानीय अधिकारियों को दें।
उदगीर में बर्ड फ्लू से हुई थी कौवों की मौत
इससे पहले पहले उदगीर में बर्ड फ्लू के कारण 50 से 100 कौवों की मौत हो गई थी। अब अहमदपुर तहसील के ढालेगांव में मुर्गी के बच्चों की मौत ने स्थानीय लोगों और पशुपालकों के बीच चिंता बढ़ा दी है। घटना का संज्ञान लेते हुए पशु चिकित्साधिकारी मौके पर पहुंचे और निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि चूजों की मौत के कारणों की जांच की जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि नमूने पुणे की एक प्रयोगशाला में भेजे गए हैं और उनके नतीजे आने के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा। ढालेगांव की यह घटना बर्ड फ्लू संकट की पुनरावृत्ति हो सकती है, जो पशुधन और पोल्ट्री व्यवसाय को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती है। इस वजह से पशुपालकों और स्थानीय प्रशासन को अधिक सतर्क रहने की जरूरत है।
जांच रिपोर्ट आने का इंतजार
बर्ड फ्लू फैलने की चिंताओं के कारण प्रशासन ने गहन जांच शुरू कर दी है और आने वाले दिनों में और जानकारी सामने आएगी। स्थिति को ठीक से संभालने के लिए प्रशासन और पशु चिकित्सा अधिकारियों को सतर्क कर दिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि इस महीने की शुरुआत में जिले के उदगीर शहर में करीब 60 कौवे मृत पाए गए थे। पुणे स्थित क्षेत्रीय रोग निदान प्रयोगशाला और आईसीएआर - राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशु रोग संस्थान, भोपाल द्वारा किए गए परीक्षणों से पुष्टि हुई है कि इन मौतों का कारण बर्ड फ्लू था।
रिपोर्ट- आसिफ आर पटेल, लातूर