
मुंबईः महाराष्ट्र के राज्यपाल सी पी राधाकृष्णन ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की सिफारिश पर खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण मंत्री धनंजय मुंडे का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। मुंडे ने मंगलवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। महाराष्ट्र में बीड के सरपंच संतोष देशमुख की हत्या को लेकर आलोचनाओं का सामना कर रहे धनंजय मुंडे ने मंगलवार को कहा कि उन्होंने अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनी और चिकित्सा कारणों पर विचार करने के बाद महाराष्ट्र मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया।
सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में मुंडे ने यह भी कहा कि बीड जिले के मसाजोग गांव के सरपंच संतोष देशमुख की जघन्य हत्या से संबंधित तस्वीरें देखकर वह बेहद दुखी हैं। बता दें कि विपक्ष पिछले तीन से मुंडे का इस्तीफा मांग रहा था।
करीबी पर लगा है हत्या का आरोप
सरपंच संतोष देशमुख देशमुख को पिछले साल नौ दिसंबर को कथित तौर पर जिले में एक ऊर्जा कंपनी को निशाना बनाकर की जा रही जबरन वसूली के प्रयास को रोकने की कोशिश करने पर अगवा कर लिया गया और प्रताड़ित किया गया था। इसके बाद उनकी हत्या कर दी गई। देशमुख हत्या मामले और दो संबंधित मामलों में सीआईडी द्वारा दायर आरोपपत्र में मुंडे के करीबी सहयोगी वाल्मिक कराड को आरोपी नंबर एक बनाया गया है।
पंकजा मुंडे ने कही ये बात
वहीं, महाराष्ट्र की मंत्री पंकजा मुंडे ने मंगलवार को कहा कि उनके चचेरे भाई और एनसीपी नेता धनंजय मुंडे को मंत्री पद से पहले ही इस्तीफा दे देना चाहिए था और सरपंच संतोष देशमुख की हत्या के बाद पैदा हुई स्थिति से निकलने का सम्मानजनक रास्ता निकालना चाहिए था। मंत्री ने कहा, ‘‘जब हम कोई पद ग्रहण करते हैं, तो हमें राज्य के हर व्यक्ति को समान समझना चाहिए। इस्तीफा देने का फैसला देशमुख परिवार के दर्द और पीड़ा की तुलना में कुछ भी नहीं है। उन्होंने (धनंजय मुंडे) सही फैसला लिया है। देर आए दुरुस्त आए।