
मध्य प्रदेश के रीवा में पुलिस टीम पर जानलेवा हमले के बाद शहडोल में भी पुलिस की टीम पर हमला हुआ है। यहां एक बाइक की तलाश में गई पुलिस टीम के साथ स्थानीय लोगों ने मारपीट करने की कोशिश की। पत्थरबाजी में दो पुलिसकर्मियों को हल्की चोट आई है। घायलों में एक महिला पुलिसकर्मी भी है। पुलिस 18 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है, लेकिन अब तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। कुछ दिन पहले ही रीवा के मऊ गंज पर पुलिस हमले में सब इंस्पेक्टर की मौत हो गई थी।
शहडोल में बुढ़ार पुलिस संदेही की तलाश में गई थी। ईरानी मोहल्ले की महिलाओं समेत अन्य लोगों ने पुलिस पार्टी पर पथराव कर दिया, जिसमें पुलिसकर्मी घायल हो गए। इससे पहले केशवाही क्षेत्र में सराफा व्यापारियों पर लूट के इरादे से गोलीबारी की गई थी। हालांकि, व्यापारी लूट से बच गए थे और घायल होने के बावजूद बस्ती तक पहुंचकर जान बचाई थी। व्यापारियों पर गोली चलाने वाले आरोपी जिस गाड़ी से आए थे, उसी तरह की गाड़ी की तलाश में पुलिस ईरानी मोहल्ला गई थी। पुलिस पार्टी पर हुए हमले मामले में बु़ढ़ार पुलिस ने कुल 18 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इनमें से 17 नामजद हैं, जबकि अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
ईरानी बाड़ा में हुआ हमला
सराफा व्यापारियों पर गोली चलाते वक्त आरोपी जिस बाइक में थे, उसी तरह का वाहन ईरानी बाड़ा में होने की सूचना पुलिस को मिली थी। जिस पर रात करीब 10 बजे पुलिस ईरानी मोहल्ला पहुंची, लेकिन रास्ता संकरा होने के कारण गाड़ी नहीं जा सकी। पुलिस गाड़ी से उतकर आरक्षक बलभद्र सिंह पैदल पहुंचे। मोहल्ले में मिले फिरोज अली जाफरी से उक्त बाइक के संबंध में पूछा तो वह गाली गलौज करने लगा। इसके बाद ईरानी मोहल्ला के अन्य लोग आ पहुंचे और आरक्षक के साथ झूमा झटकी कर धक्का-मुक्की करने लगे। यह देख वाहन में मौजूद पुलिस का स्टॉफ दौड़कर बीच बचाव करने पहुंचा, लेकिन दर्जनों लोग पत्थर लेकर पुलिस स्टाफ को मारने दौड़े।
व्यापारियों पर हमला करने वाले पुलिस की पहुंच से दूर
हमले में आरक्षक सहित अन्य स्टॉफ को चोटें आईं। हमले में महिला आरक्षक सरिता, आरक्षक आशीष तिवारी भी चोटिल हुए। पुलिस वाहन में भी तोड़ फोड़ की गई। आरक्षक की शिकायत पर धारा 132, 221, 296, 115 (2), 351 (3), 3 (5) बीएनएस का मामला दर्ज कर लिया गया है। गोलीकांड के आरोपी अभी तक पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं। सराफा व्यापारियों को उस समय गोली मारी गई थी, जब वे साप्ताहिक बाजार से दुकान लगाकर वापस लौट रहे थे। आरोपियों ने लूट के इरादे से गोली चलाई थी, गनिमत रही कि सराफा व्यापारी लूट से बच गए और घायल अवस्था में मोटर साइकिल भगाते हुए बस्ती के बीच पहुंच गए। ऐसे में बाईक में सवार आरोपी भाग गए थे। इसके बाद से पुलिस गोली कांड के आरोपियों की तलाश में जुटी है।
(शहडोल से विशाल खंडेलवाल की रिपोर्ट)