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अमरनाथ दर्शन से पहले पड़ेंगे ये 5 पड़ाव, जानिए इनके बारें में विस्तार से

क्या आपको पता है कि अमरनाथ के दर्शन करने के लिए आपको पांच पड़ाव में रुकना होता है? जिसके बाद ही आप दर्शन कर सकते हैं। जो कि बहुत ही कठिन माना जाता है। जानिए इन पांच पड़ाव के बारें में।

Written by: India TV Lifestyle Desk
Published : Jul 09, 2018 01:28 pm IST, Updated : Jul 09, 2018 01:28 pm IST
Amarnath yatra- India TV Hindi
Amarnath yatra

नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर स्थित हिमालय की गुफा में बाबा बर्फानी विराज चुके हैं। जिनके दर्शन के यात्रा 29 जून से शुरू होगी। सोमवार के लिए दर्शन के लिए 2,966 तीर्थयात्रियों का जत्था जम्मू की घाटी के लिए रवाना हो गया है। पुलिस अधिकारी ने बताया, '2,966 तीर्थयात्रियों का नौंवा जत्था सोमवार सुबह 3.20 बजे भगवती नगर यात्री निवास से रवाना हुआ।'

क्या आपको पता है कि अमरनाथ के दर्शन करने के लिए आपको पांच पड़ाव में रुकना होता है? जिसके बाद ही आप दर्शन कर सकते हैं। जो कि बहुत ही कठिन माना जाता है। जानिए इन पांच पड़ाव के बारें में।

पहला पड़ाव

अमरनाथ यात्रा का पहला पड़ाव पहलगाम यात्रा है। जो कि जम्मू से 315 किलोमीटर दूर है। जो कि एक फेमस टूरिस्ट प्लेस भी है। यहां तक पहुंचने के लिए जम्मू-कश्मीर की सरकार से बस सेवा शुरु कर रखी हैं। यहीं से पैदल यात्रा शुरु होती है। (कई लाख बीयर की बोतल से बना है ये अद्भुत मंदिर, लेकिन इसके बनने की वजह कर देगी आपको हैरान)

दूसरा पड़ाव
अमरनाथ यात्रा का दूसरा पड़ाव है चंदनबाड़ी। जो कि पहलगाम से 8 किलोमीटर दूर है। जहां पर अमरनाथ यात्री अपनी पहली रात गुजारते हैं। जिनके लिए यहां पर कैंप लगाएं जाते है। यहीं से दूसरे दिन पिस्सू घाटी की चढ़ाई की जाती है। जो कि बहुत ही कठिन चढाई होती है। इस घाटी को लेकर मान्यता है कि यहीं पर देवताओं और राक्षसों के बीच धमासान युद्ध हुआ था।

Amarnath yatra

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तीसरा पड़ाव
तीसरा पड़ान चंदनबाड़ी से 14 किलोमीटर दूर शेषनाग अगला पड़ाव होता है। जिसमें खड़ी चढ़ाई होती है। जहां से पिस्सू घाटी के दर्शन होते है। यहां पर पर्वतमालाओं के बीच नीले रंग की झील है। जिसे देखकर आपकी पूरी थकान उतर जाती है। यह झील करीब डेढ़ किलोमीटर तक फैली हुई है। शेषनाग के पड़ाव को लेकर मान्यता है कि इस नीली झील में शेषनाग रहते हैं। जो कि 24 घंटे के अंदर दर्शन देते है। जो खुशनसीब होते है उन्हें ही दर्शन का लाभ मिलता है। (BLOG: नैनीताल... एडवेंचर के साथ-साथ शांति भी है, यहां आपको हो जाएगा जिंदगी से प्यार)

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चौथा पड़ाव
शेषनाग से पंचतरणी 8 किलोमीटर की दूरी में होता है। जहां पर पहुंचने के बीच बैववैल टॉप और महागुणास जैसे दर्रे पड़ते है। पंचतरणी पहुंचने से पहले बीच में 5 सरिताएं पड़ती है। जिसके कारण इसका यह नाम पड़ा। यह स्थान पूरी तरह से पहाड़ो से ढका हुआ है। जिसके कारण यहां पर ऑक्सीजन की कमी हो जाती है। जिसकी वजह से तीर्थयात्रियों के लिए सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम है।

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पांचवा पड़ाव
पंचतरणी के बाद इस पड़ाव से अमरनाथ गुफा सिर्फ 5 किलोमीटर दूर रह जाती है। जिसके रास्ते में बर्फ ही बर्फ जमी होती है। इसी दिन गुफा के पास रूक कर आराम करना होता है। रातभर आराम कर दूसरे दिन सुबह पूजा-अर्चना कर पंचतरणी वापस लौटा जाता है। यहां पर दर्शन करने मात्र मे पूरी थकान गायब हो जाती है। वह जल्द से जल्द वापस पहले पड़ाव में पहुंच जाते है। 

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