धर्म डेस्क: अगर आपको किसी भी देवी या देवता को प्रसन्न करना है तो आपके श्रृद्धानुसार जाप करने से वो जल्द ही प्रसन्न हो जाते हैं, लेकिन क्या आप जानते है कि जप-तप करने में जरा सी गलती आपके पूरे पुण्य कर्मो में पानी फेर देती है। इसलिए इनकी पूजा करने के लिए विधि-विधान बहुत ही जरूरी है।
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विधि-विधान से किया हुआ जप से जल्द ही आपको फल भी मिलता है। पुराणों में इसके बारें में बहुत ही गहराई से बताया गया है। जिसका पालन कर आप अपने घर में खुशहाली, धन-समृद्धि ला सकते है। जानिए पुराणों में ऐसे कौन से बातें बताई गई है जिनको जप करते समय कभी भी भूलना नही चाहिए।
नशा से बनाएं दूरी
शास्त्रों के अनुसार कहा गया है कि अगर कोई व्यक्ति नशा करता है तो वह राक्षस के समान होता है। देवी-देवताओं की पूजा करते समय न तो नशा करना चाहिए और न ही इसके बारें में सोचने चाहिए। यह महापाप है। जो व्यक्ति इन चीजों का सेवन करता है वह पाप का भागीदार होता है। उसके सभी पुण्य कर्म नष्ट हो जाते है और वह व्यक्ति नर्क में जाता है। जप करते समय नशे के बारे में सोचना भी महापाप माना गया है।
गुस्सा करने से बचें
किसी -किसी की आदत होती है कि हर बाद में उसको गुस्सा आता है। कभी ऐसा भी होता है कि कोई व्यक्ति पूजा करते समय भी अपने लोगों पर गुस्सा करता है। जबकि यह सही नही है। पुराणों के अनुसार बेवजह गुस्सा करना एक अवगुण है। इसलिए जब भी पूजा करे या फिर किसी मंदिर जाए तो अपने मन को शांत रखें। तभी आपको इसका पल मिलेगा। कभी भी अपने मन में क्रोध, लालच, ईर्ष्या न लाएं। इससे आपका ही नुकसान है।
जप के बाद दक्षिणा का न देना
देव पूजा और आराधना में पूजन करने के साथ-साथ दान देने का भी बहुत महत्व माना जाता है। पुराण के अनुसार, अगर कोई व्यक्ति पूरे विधि-विधान के साथ भगवान का जप करे और उसके बाद दक्षिणा या दान न करे तो उसका जप व्यर्थ चला जाता है।
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