
झारखंड में नई आबकारी नीति को लेकर बवाल मचा हुआ है। गिरिडीह के सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर शराब नीति में बदलाव करने की मांग की है। उन्होंने यह भी कहा है कि अगर शराब नीति को बिना किसी बदलाव के लागू किया जाता है तो वह अदालत में इसके खिलाफ जनहित याचिका दायर करेंगे। झारखंड में नई शराब नीति एक अप्रैल से लागू होनी है। इसे लेकर सरकार ने सुझाव मांगे थे। सुझाव देने की आखिरी तारीख 16 फरवरी है। इसी वजह से गिरिडीह सांसद ने अपनी आपत्ति जाहिर की है और इसमें बदलाव के लिए सुझाव भी बताए हैं।
चंद्र प्रकाश चौधरी ने कहा है कि नई शराब नीति में शराब माफिया के बड़े गिरोह का प्रभाव साफ दिख रहा है। उन्होंने कहा कि मॉडल शॉप और डिपार्टमेंटल स्टोर में भी शराब बिक्री की अनुमति दे दी गई है, जो कि बेहद गलत है।
क्या है झारखंड की नई शराब नीति
झारखंड की नई शराब नीति के तहत सरकार शराब की खुदरा बिक्री बंद कर देगी। प्राइवेट दुकानदार शराब की बिक्री करेंगे। राज्य सरकार के स्वामित्ववाली कंपनी झारखंड बिवरेज कॉरपोरेशन अब सिर्फ शराब का थोक व्यापार करेगी। उत्पाद विभाग शराब दुकानों की बंदोबस्ती आवेदन आमंत्रित करेगा। इसके बाद लॉटरी के जरिए दुकानें दी जाएंगी। इसके साथ ही मॉडल शॉप, मॉल और डिपार्टमेंटल स्टोर में शराब बिक्री की अनुमति दे दी गई है। डिपार्टमेंटल स्टोर के 10 फीसदी हिस्से पर शराब बेची जा सकेगी। 50 हजार वर्ग फीट वाले मॉल में 200 वर्गफीट में शराब की दुकान खोली जा सकेगी।
महंगी होगी शराब
नई शराब नीति के तहत सभी दुकानों में लोकप्रिय ब्रांड की शराब रखना जरूरी है। हालांकि, इससे शराब की कीमतें 100 रुपये तक बढ़ जाएंगी। एक से 90 रुपये तक कीमत वाली शराब के दाम पांच रुपये बढ़ेंगे। 950 रुपये तक कीमत वाली शराब 10 रुपये महंगी होगी और 1950 रुपये तक की शराब 50 रुपये महंगी होगी। 1951 रुपये से ज्यादा कीमत वाली शराब के दाम 100 रुपये बढ़ेंगे।