जम्मू-कश्मीर के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADGP) आनंद जैन के नाम से एक फर्जी ‘फेसबुक अकाउंट’ सामने आने के बाद जम्मू कश्मीर पुलिस ने गहन जांच और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू की है। पुलिस प्रवक्ता ने कहा, ‘‘हमारे संज्ञान में आया है कि एडीजीपी आनंद जैन के नाम से एक फर्जी फेसबुक अकाउंट बनाया गया है, जिस पर एडीजीपी की प्रोफाइल तस्वीर भी है।’’
फर्जी अकाउंट में भ्रामक परिचय
फर्जी अकाउंट में एक भ्रामक परिचय दिया गया है, जिसमें दावा किया गया है कि यह (अकाउंट) ‘‘जम्मू कश्मीर विभाग के एडीजीपी, निदेशक, अग्निशमन और आपातकालीन सेवाएं, जम्मू कश्मीर’’ से जुड़ा है।
पुलिस ने लोगों को किया आगाह
पुलिस प्रवक्ता ने लोगों को आगाह करते हुए कहा कि इस फर्जी अकाउंट का इस्तेमाल लोगों को गुमराह करने और उनके भरोसे का फायदा उठाने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘हम ऐसी अनैतिक और धोखाधड़ी वाली गतिविधियों की कड़ी निंदा करते हैं।’’ नागरिकों से सतर्क रहने और ऐसे फर्जी प्रोफाइल से आने वाले संदेशों, मित्रता के अनुरोधों या किसी भी अनुरोध का जवाब देने से बचने का आग्रह किया गया है। प्रवक्ता ने चेतावनी देते हुए कहा, ‘‘पूर्व में इसी तरह की घटनाओं से लोगों को वित्तीय नुकसान हुआ है...।’’
प्रवक्ता ने कहा, ‘‘इस गैरकानूनी गतिविधि में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है। गहन जांच जारी है और अपराधियों को जवाबदेह ठहराने के लिए कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।’’ प्रवक्ता ने कहा कि जनता को सलाह दी जाती है कि वे आधिकारिक संचार और अद्यतन जानकारी के लिए जम्मू कश्मीर पुलिस के सत्यापित और वैध सोशल मीडिया अकाउंट पर ही भरोसा करें। उन्होंने कहा कि एडीजीपी की आधिकारिक फेसबुक प्रोफाइल आसानी से पहचानी जा सकती है। उन्होंने लोगों से सतर्क रहने, सावधानी बरतने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना देने का आग्रह किया।
क्या बोले ADGP?
एडीजीपी आनंद जैन ने जोर देकर कहा कि यह कृत्य गंभीर उल्लंघन और जनता को धोखा देने का प्रयास है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जम्मू-कश्मीर पुलिस ऐसे साइबर अपराधों को बहुत गंभीरता से लेती है।
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