Highlights
- मां की हत्या करने वाला 'पिटबुल' वापस ले आया बेटा
- मेनका गांधी के फोन से मिली मदद
- सुशीला त्रिपाठी को नोच-नोच कर खा गया था पिटबुल
Uttar Pradesh News: लखनऊ के अमित त्रिपाठी को फिर से उसका पिटबुल ब्रीड का डॉग ब्राउनी वापस मिल गया है। यह वही पिटबुल है जिसने बीते दिनों अमित की मां की काट-काट कर हत्या कर दी थी। इसके बाद इस डॉग के नगर निगम ने अपने कब्जे में ले लिया था। हालांकि अब खबर आ रही है कि अमित अपने डॉग को फिर से घर ले आया है। इन सब में पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता मेनका गांधी का भी नाम सामने आ रहा है। बताया जा रहा है कि नगर निगम के संयुक्त निदेशक पशु कल्याण अरविंद राव को मेनका गांधी ने ही फोन कर पिटबुल को उसके मालिक अमित को सौंपने की बात कही थी।
अमित के पड़ोसियों ने जताई आपत्ति
पिटबुल को फिर से अमित जब घर ले आया तो इस पर उसके पड़ोसियों ने आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि इस डॉग से अगल-बगल में रह रहे लोगों को खतरा है। दरअसल, 12 जुलाई को इसी डॉग ने लखनऊ के कैसरबाग के बंगाली टोला में रहने वाली एक रिटायर शिक्षिका सुशीला त्रिपाठी की काट-काट कर हत्या कर दी है। हालांकि, अमित को भी उसका डॉग कुछ शर्तों पर मिला है। इनमें पहली शर्त है कि वह पिटबुल को बाहर घूमने के लिए नही छोड़ेगा और दूसरी शर्त है कि अगर किसी से इसकी शिकायत मिली तो पिटबुल को वापस से पकड़ लिया जाएगा। इसके साथ ही अमित को पिटबुल के लिए एक ट्रेनर भी रखना होगा। अमित पिटबुल को लेने अपने एक रिश्तेदार के साथ नगर निगम के दफ्तर पहुंचा था। बताया जा रहा है कि अपने मालिक अमित को देखते ही पिटबुल उसकी तरफ भागा और उससे लिपट गया।
नोच-नोच कर खा गया था पिटबुल
यह वही पिटबुल है जिसने बीते दिनों अपनी 80 साल की मालकिन पर हमला कर दिया और फिर नोच-नोच कर उनका मांस खा गया। महिला की मौत हो गई है। मामला लखनऊ के बंगाली टोला इलाके का है। दरअसल, रिटायर्ड टीचर सुशीला त्रिपाठी अपने पिटबुल 'ब्राउनी' और लेब्राडोर को साथ लेकर टहलने गई थीं। इसी दौरान पिटबुल ने सुशीला पर हमला कर दिया। पड़ोसियों का दावा है कि पिटबुल ने अपनी मालकिन को नोच-नोचकर खाया, जिससे उनकी मौत हो गई। चीख-पुकार सुनकर जब पड़ोसी अपने घरों से बाहर निकले तो उन्होंने देखा कि सुशीला खून से लथपथ पड़ी थीं।