नई दिल्ली: यूपीआई टैक्स को लेकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने आज सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक वीडियो जारी कर इसे वापस लेने की मांग की। राहुल गांधी ने इस वीडियो में इंदिरा गांधी के फैसलों का उदाहरण दिया और यह बताया कि वे अपने फैसलों में कितनी सख्त थीं। उन्होंने पीएम मोदी पर अमेरिका के आगे घुटने टेकने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मोदी जी आप खड़े हो जाइये और यूपीआई टैक्स को वापस लीजिए।
15 अक्तूबर से लगेगा चार्ज
उन्होंने सरकार की ओर से प्रस्तावित एमडीआर टैक्स वापस लेने की मांग की । दरअसल केंद्र सरकार ने 15 अक्तूबर से 2000 से अधिक के यूपीआई पेमेंट पर 0.4 प्रतिशत चार्ज लगाने का ऐलान किया है। लेकिन ये पेमंट कस्टमर को नहीं देना होगा बल्कि कंपनी या दुकान को देना होगा। हालांकि, दो लोगों के बीच होने वाले पी2पी यूपीआई ट्रांजेक्शन पर किसी भी राशि के लिए कोई एमडीआर टैक्स नहीं लगेगा। इसके अलावा 2,000 रुपये तक के छोटे व्यापारी लेनदेन भी इस टैक्स से बाहर रहेंगे।
गांधी ने वीडियो में कहा, ''एक बार (पूर्व प्रधानमंत्री) इंदिरा गांधी जी से पूछा गया था कि वह लेफ्ट की ओर जाना चाहती हैं या फिर राइट की ओर। उनका जवाब था कि मैं न लेफ्ट की ओर झुकाव रखती हूं, न राइट की ओर, मैं सीधे खड़ी रहती हूं। मोदी जी की अवधारणा बिल्कुल अलग है। वह न लेफ्ट की ओर हैं, न राइट कीओर, उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप के सामने झुकने का फैसला किया है।'' उन्होंने कहा, ''मोदी जी ने यूपीआई पर कर लगाकर हर भारतीय पर टैक्स लगाया है और अमेरिका को बड़ी रकम दी जा रही है।'' गांधी ने अपनी पोस्ट में कहा, ''मोदी जी, यूपीआई टैक्स वापस लें। अभी।''
सरकार की ओर से क्या कहा गया
सरकार के मुताबिक, व्यक्तियों से व्यापारियों को होने वाले कुल पी2एम लेनदेन की मात्रा में 2,000 रुपये से कम राशि वाले लेनदेन 95 प्रतिशत से भी अधिक हैं। 'मर्चेंट डिस्काउंट रेट' (एमडीआर) वह शुल्क है जो डिजिटल भुगतान स्वीकार करने वाले किसी व्यापारी से लिया जाता है। वित्त मंत्रालय ने बयान में कहा, ''यह शुल्क केवल 2,000 रुपये से अधिक के पी2एम लेनदेन पर ही 0.4 प्रतिशत की दर से लागू होगा। इससे मिलने वाला कमीशन बैंकों और ऐप प्रदाताओं सहित भुगतान प्रणाली के भागीदारों के बीच बांटा जाएगा।'' रेलवे, दूरसंचार, बीमा, ईंधन और कृषि कच्चा माल जैसे आवश्यक तथा कम मार्जिन वाले क्षेत्रों में 2,000 रुपये से अधिक के प्रत्येक लेनदेन पर पांच रुपये का एक समान शुल्क लगेगा।
वहीं राहुल गांधी के वीडियो शेयर करने के बाद सरकार की ओर से भी बयान आया। एक शीर्ष अधिकारी ने बताया कि जब बड़े यूपीआई लेनदेन पर शुल्क लगाने का फैसला लिया जा चुका है, तो इसे वापस लेने का सवाल ही नहीं उठता।
UPI Charge Rule: सरकार ने लगाया यूपीआई चार्ज, देखिए, कब, क्यों, किस पर होगा ये लागू?