माफिया डॉन अतीक और उसके भाई अशरफ अहमद की हत्या मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के जज की निगरानी में कराने की मांग को लेकर दायर याचिका पर शीर्ष अदालत में सुनवाई हुई। उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से वकील मुकुल रोहतगी पेश हुए। उन्होंने कोर्ट से कहा कि पुलिस कस्टडी में हर दो दिन में आरोपियों का मेडिकल करवाना पड़ता है। इस दौरान माफिया ब्रदर्स की हत्या पर सुप्रीम कोर्ट ने सवाल पूछा।
हम कोर्ट के सामने रिकॉर्ड पेश करेंगे: वकील
सुप्रीम कोर्ट के जज ने सवाल उठाते हुए कहा कि हमने टीवी पर देखा कि अतीक-अशरफ को एंबुलेंस में मेडिकल के लिए क्यों नहीं ले जाया गया? उन्हें पैदल चलवाकर इधर-उधर परेड क्यों करवाई गई? इस सवाल के जवाब में मुकुल रोहतगी ने कहा कि हमने इस हत्या की जांच के लिए कमीशन गठित की है। कोर्ट के नोटिस जारी किए जाने की जरूरत नहीं है। हम कोर्ट के सामने रिकॉर्ड पेश करेंगे।
कोर्ट ने असद के एनकाउंटर पर भी मांगा जवाब
इस पर याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि कमीशन सिर्फ इस मामले में गठित की गई है, लेकिन बाकी के मामलों का क्या? इस पर वकील रोहतगी ने कोर्ट से कहा कि जिस आदमी की हत्या हुई वो और उसका परिवार लंबे समय से आपराधिक गतिविधियों में शामिल थे। मुकुल रोहतगी के बयान को रिकॉर्ड में लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार से आने वाले तीन हफ्तों में एफिडेविट फाइल करने को कहा। एफिडेविट में बताना होगा कि इस घटना के बाद यूपी सरकार ने क्या कदम उठाए? कोर्ट अतीक के छोटे बेटे असद के एनकाउंटर पर भी जवाब रिपोर्ट फाइल करने को कहा। मामले में अब 3 हफ्ते बाद सुनवाई होगी।
माफिया ब्रदर्स की 15 अप्रैल की रात हुई थी हत्या
गौरतलब है कि माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ अहमद की 15 अप्रैल की रात 10:30 बजे के करीब उस वक्त गोली मारकर हत्या कर दी गई, जब पुलिस इनका मेडिकल कराने के लिए अस्पताल लेकर गई थी। पुलिस जब अतीक का मेडिकल करवाने अस्पताल के अंदर जा रही थी, तभी मीडिया कर्मी बनकर आए तीन हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर उनकी हत्या कर दी। माफिया ब्रदर्स की मौके पर ही मौत हो गई।
यह भी पढ़ें-
हाथ-पैर तुड़वा देंगे... SP विधायक का धमकी भरा ऑडियो आया सामने, पार्टी के यूथ नेता ने कहा- जान पर खतरा
अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन की तलाश तेज, दिल्ली के इन इलाकों STF के छापे