1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. हत्या घटी, पर साइबर बवाल ज्यादा, NCRB की रिपोर्ट में चौंकाने वाले आंकड़े हुए जारी

हत्या घटी, पर साइबर बवाल ज्यादा, NCRB की रिपोर्ट में चौंकाने वाले आंकड़े हुए जारी

 Edited By: Malaika Imam @MalaikaImam1
 Published : Sep 30, 2025 02:56 pm IST,  Updated : Sep 30, 2025 03:11 pm IST

हत्या के मामलों में गिरावट दर्ज की गई है, जबकि अनुसूचित जनजातियों के खिलाफ अपराधों और साइबर अपराधों में वृद्धि हुई है। साइबर अपराधों में 31.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

प्रतीकात्मक फोटो- India TV Hindi
प्रतीकात्मक फोटो Image Source : PIXABAY.COM

नई दिल्ली: राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की ओर से जारी नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, भारत में वर्ष 2023 में अपराध की प्रवृत्तियों में अहम बदलाव देखने को मिले हैं। जहां एक ओर हत्या के मामलों में गिरावट दर्ज की गई है, वहीं दूसरी ओर अनुसूचित जनजातियों के खिलाफ अपराधों और साइबर अपराधों वृद्धि हुई है। 

रिपोर्ट में कहा गया है कि साइबर अपराधों में 31.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई। वर्ष 2023 में साइबर अपराधों के 86,420 मामले दर्ज किए गए थे, जबकि 2022 में 65,893 मामले दर्ज किए गए थे।

हत्या के मामले 2023 में घटकर 27,721 हुआ

अपराधों और प्रवृत्तियों के राष्ट्रीय रिकॉर्ड रखने वाले राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) ने खुलासा किया कि 2022 में भारत में हत्या के 28,522 मामले दर्ज किए गए, जो 2023 में घटकर 27,721 रह गए, यानी 2.8 प्रतिशत की गिरावट हुई है। 

रिपोर्ट में कहा गया है, "2023 के दौरान हत्या के सबसे ज्यादा मामलों का कारण 'विवाद' (9,209 मामले) था। इसके बाद 'व्यक्तिगत प्रतिशोध या दुश्मनी' (3,458 मामले) और 'लाभ' के 1,890 मामले थे।"

अनुसूचित जनजातियों के खिलाफ अपराध

अनुसूचित जनजातियों के खिलाफ अपराधों में 28.8 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई, जो 2022 में 10,064 मामलों से बढ़कर 2023 में 12,960 हो गई। इस श्रेणी में कुल अपराध दर भी 2022 में 9.6 से बढ़कर 2023 में 12.4 हो गई। 

NCRB के अनुसार, 2011 की जनगणना के आंकड़ों के अनुसार अपराध दर प्रति लाख जनसंख्या पर अपराध के मामले हैं। रिपोर्ट में कहा गया, "महानगरों के लिए अपराध दर की गणना 2011 की वास्तविक जनगणना के आधार पर की गई है। साधारण चोट से संबंधित मामले कुल मामलों का 21.3 प्रतिशत हैं।"

बलात्कार के 1189 मामले

इसके बाद दंगों के 1707 मामले हैं, जो कुल प्राथमिकियों का 13.2 प्रतिशत हैं और बलात्कार के 1189 मामले हैं जो कुल संख्या का 9.2 प्रतिशत है। 

रिपोर्ट में कहा गया है कि साइबर अपराध की दर 4.8 प्रतिशत से बढ़कर 6.2 प्रतिशत हो गई। 

रिपोर्ट के अनुसार, महिलाओं के खिलाफ अपराधों में 0.4 प्रतिशत की मामूली वृद्धि देखी गई, जो 2022 में 4.45 लाख मामलों से बढ़कर 2023 में 4,48,211 मामले हो गए। (इनपुट- भाषा)

ये भी पढ़ें-

महाराष्ट्र कांग्रेस की विवादित पोस्ट पर FIR, दंगा भड़काने की कोशिश का आरोप; जानें पूरा मामला

VIDEO: अब बिहार पहुंचा 'I Love Muhammad' विवाद, हाजीपुर में पोस्टर लगाने पर भीड़ ने युवक को पीटा; भड़के लोग

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। National से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत