दिल्ली के भारत मंडपम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच आज द्विपक्षीय बैठक हुई। दोनों के बीच करीब 45 मिनट तक बातचीत हुई। इससे पहले पीएम मोदी और पुतिन एक ही कार में इनोप्रॉम प्रदर्शनी में पहुंचे थे। बता दें कि इस साल यह उनकी दूसरी मुलाकात थी। दोनों नेताओं की इससे पहले 31 अगस्त, 2026 को बिश्केक में 26वें SCO शिखर सम्मेलन के दौरान मुलाकात हुई थी। दोनों नेता जब बिश्केक में मिले थे, तो उनके बीच खास बॉन्डिंग देखने को मिली थी।
मोदी-पुतिन की मीटिंग में क्या हुआ?
- भारत-रूस सहयोग के कई क्षेत्रों पर हुई चर्चा- मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन ने भारत-रूस द्विपक्षीय सहयोग की प्रगति की समीक्षा की। दोनों नेताओं ने राजनीतिक, आर्थिक, रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष, कौशल गतिशीलता और लोगों के बीच संपर्क समेत विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा की। दोनों ने भारत और रूस के बीच व्यापार और औद्योगिक संबंधों को और विस्तार देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। इस दौरान रूस की अंतरराष्ट्रीय औद्योगिक प्रदर्शनी ‘INNOPROM India’ का भी उल्लेख हुआ। यह प्रदर्शनी पहली बार भारत में 9 से 11 सितंबर 2026 तक आयोजित की गई। पीएम मोदी और राष्ट्रपति पुतिन ने प्रदर्शनी का दौरा भी किया और वहां मौजूद प्रतिभागियों से बातचीत की। दोनों नेताओं ने इसे भारत-रूस के बीच व्यापार और औद्योगिक संबंधों को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
- BRICS और वैश्विक मुद्दों पर भी हुआ विचार-विमर्श- प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन ने बहुपक्षीय मंचों पर भारत-रूस सहयोग को लेकर भी विचार साझा किए। खास तौर पर भारत की 2026 की BRICS अध्यक्षता के तहत दोनों देशों की भागीदारी पर चर्चा हुई। इसके अलावा दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर के उन मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया, जिनमें दोनों देशों की साझा रुचि है। बैठक में पश्चिम एशिया और ब्लैक सी क्षेत्र में जारी संघर्षों का मुद्दा भी उठा। इन संघर्षों का समुद्री व्यापार और भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर असर पड़ा है। प्रधानमंत्री मोदी ने एक बार फिर इस बात पर जोर दिया कि संघर्षों के समाधान का रास्ता संवाद और कूटनीति से ही निकल सकता है। उन्होंने कहा कि भारत शांति के प्रयासों में सहयोग के लिए तैयार है।
- भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर सहमति- दोनों नेताओं ने भारत और रूस के बीच ‘विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी’ को और मजबूत करने के प्रयास जारी रखने पर सहमति जताई। दोनों देशों के बीच संबंधों ने भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बावजूद मजबूती और लचीलापन दिखाया है और लगातार विभिन्न क्षेत्रों में विस्तार हो रहा है।
- पुतिन ने PM मोदी को रूस आने का दिया न्योता- मुलाकात के दौरान राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 24वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए रूस आने का निमंत्रण दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने इस निमंत्रण को स्वीकार कर लिया है। शिखर सम्मेलन की तारीख दोनों देशों की आपसी सुविधा के अनुसार राजनयिक माध्यमों से तय की जाएगी।

बैठक से पहले पीएम मोदी ने रूसी राष्ट्रपति गले लगाया और उन्हें तमिल कवि तिरुवल्लुवर की प्रसिद्ध रचना तिरुक्कुरल का रूसी अनुवाद भेंट किया। किताब भेंट करते हुए पीएम मोदी ने इस पर प्रकाश डाला और उम्मीद जताई कि यह पूरे रूस में पाठकों को प्रेरित करेगी। उन्होंने कहा, "मुझे उम्मीद है कि यह पुस्तक हमारे लोगों के बीच आपसी संबंधों को मजबूत करने में मदद करेगी।" इसके बाद दोनों नेता एक ही कार से इंडस्ट्रियल एग्जीबिशन में पहुंचे।
बता दें कि पुतिन शिखर सम्मेलन के लिए शुक्रवार को भारत पहुंचे। इस सम्मेलन की मेजबानी भारत कर रहा है।
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