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सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता से पूछा- पैसों का इस्तेमाल गरीबों के लिए किया जाए या साइकिल ट्रैक बनाने के लिए?

याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि कई राज्यों में साइकिल ट्रैक हैं। उन्होंने कहा कि शीर्ष अदालत के एक गेट के बाहर भी साइकिल ट्रैक है, लेकिन मोड़ पर यह उपलब्ध नहीं है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह याचिकाकर्ता का दिवास्वप्न है।

Edited By: Khushbu Rawal @khushburawal2
Published : Jan 15, 2025 07:13 pm IST, Updated : Jan 15, 2025 07:13 pm IST
supreme court- India TV Hindi
Image Source : FILE PHOTO सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को पूछा कि क्या सरकारी खजाने से प्राप्त धन का इस्तेमाल गरीबों के लिए आवास, स्वास्थ्य और शैक्षणिक सुविधाएं बनाने के लिए किया जाना चाहिए या देश में साइकिल ट्रैक बिछाने के लिए। जस्टिस अभय एस ओका और जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की बेंच ने देश भर में अलग-अलग साइकिल ट्रैक बनाने संबंधी याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि देश में विकास एक समान नहीं है।

गरीबों के लिए आवास सुविधाओं की गंभीर समस्या- कोर्ट

बेंच ने याचिकाकर्ता के वकील से पूछा, ‘‘हमें बताएं कि क्या सरकारी खजाने से प्राप्त धन का इस्तेमाल गरीबों के लिए आवासीय और शैक्षणिक सुविधाएं बनाने के लिए किया जाना चाहिए या इसके लिए (अलग-अलग साइकिल ट्रैक बनाने के लिए)?’’ शीर्ष अदालत ने यह भी कहा, "सभी प्रमुख शहरों में गरीबों के लिए आवास सुविधाओं की गंभीर समस्या है। लोग झुग्गी-झोपड़ियों में रह रहे हैं। गरीबों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं, शैक्षणिक सुविधाओं का अभाव है। क्या ये सभी प्राथमिक सुविधाएं प्रदान की जानी चाहिए या ये साइकिल ट्रैक?’’

शीर्ष अदालत के गेट के बाहर भी है साइकिल ट्रैक- याचिकाकर्ता

कोर्ट ने शुरुआत में याचिकाकर्ता के अनुरोध का संदर्भ दिया और आश्चर्य जताया कि क्या ऐसी राहत दी जा सकती है। बेंच ने कहा, ‘‘आप चाहते हैं कि पूरे भारत में अलग-अलग साइकिल ट्रैक बनाए जाएं। यह बहुत महत्वाकांक्षी है।’’ याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि कई राज्यों में साइकिल ट्रैक हैं। उन्होंने कहा कि शीर्ष अदालत के एक गेट के बाहर भी साइकिल ट्रैक है, लेकिन मोड़ पर यह उपलब्ध नहीं है।

वकील ने सर्दियों में प्रदूषण का दिया हवाला

याचिकाकर्ता के वकील ने चुनिंदा शहरों और कस्बों में बुनियादी ढांचे के विकास पर ध्यान केंद्रित करने वाली अटल मिशन फॉर रिजुवेनेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन (अमृत) योजना का हवाला दिया। बेंच ने कहा, ‘‘हम इस तरह का परमादेश (अलग साइकिल ट्रैक बनाने के लिए) कैसे जारी कर सकते हैं, यह याचिकाकर्ता का दिवास्वप्न है।" वकील ने सर्दियों के दौरान दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण के मुद्दे का हवाला दिया और कहा कि अलग-अलग साइकिल ट्रैक होने से समस्या को कम करने में मदद मिल सकती है। बेंच ने इस मामले में आगे की सुनवाई के लिए 10 फरवरी की तारीख निर्धारित की। (भाषा इनपुट्स के साथ)

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