नई दिल्ली: सरकार ने पूर्व पत्रकार स्वप्न दासगुप्ता को राज्यसभा में मनोनीत किया है। दासगुप्ता ने कुछ समय पूर्व उच्च सदन के मनोनीत सदस्य के रूप में इस्तीफा देकर भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर पश्चिम बंगाल का विधानसभा चुनाव लड़ा था जिसमें वह हार गए थे। मशहूर वकील महेश जेठमलानी को भी केंद्र सरकार ने राज्यसभा के लिए मनोनीत किया है। जेठमलानी को राज्यसभा में उस सीट के लिए मनोनीत किया गया है जो रघुनाथ महापात्र के निधन से खाली हुई है।
स्वप्न दासगुप्ता ने पश्चिम बंगाल की तारकेश्वर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था, जिसमें वह तृणमूल कांग्रेस के रामेंदु सिंहरे से लगभग साढ़े सात हजार वोटों के अंतर से हार गए थे। गृह मंत्रालय की अधिसूचना में कहा गया है, ‘भारत के संविधान के अनुच्छेद 80 के उपबंध (1) के भाग (ए) तथा इसी अनुच्छेद के उपबंध (3) के तहत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए राष्ट्रपति श्री स्वप्न दासपगुप्ता को उनके इस्तीफे से खाली हुई सीट को भरने के लिए राज्यसभा के लिए पुन: मनोनीत करते हुए प्रसन्न हैं। उनका यह मनोनयन 24 अप्रैल, 2022 को राज्यसभा में पूरा होने वाले उनके कार्यकाल की बाकी अवधि के लिए है।’
एक अन्य अधिसूचना में गृह मंत्रालय ने कहा कि जेठमलानी को राज्यसभा में उस सीट के लिए मनोनीत किया गया है जो रघुनाथ महापात्र के निधन से खाली हुई है। उनका भी कार्यकाल महापात्र के 13 जुलाई, 2024 को पूरा होने वाले कार्यकाल की बाकी अवधि के लिए है। राष्ट्रपति केंद्र के परामर्श पर राज्यसभा के लिए 12 सदस्यों को मनोनीत करते हैं। उच्च सदन में मनोनीत किए जाने वाले लोग साहित्य, विज्ञान, खेलकूद, कला एवं समाज सेवा जैसे क्षेत्रों की बड़ी हस्तियां होते हैं।