नई दिल्ली: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र (इसरो) का अपने सबसे नए उपग्रह जीसैट-6ए से संपर्क टूट गया है। इसरो का कहना है कि उपग्रह के साथ फिर से सपंर्क बनाए जाने की कोशिश की जा रही है। प्रेक्षेपण के बाद पिछले करीब 48 घंटों से संचार उपग्रह जीसैट-6ए से इसरो का कोई संपर्क नहीं हो पाया है। खबरों से मिल रही जानकारी के अनुसार उपग्रह जीसैट-6ए के बारे में आखिरी अपडेट 30 मार्च को सुबह 9.22 मिनट पर मिला था, जब इसने पहली कक्षा को पार किया था। शनिवार को ये खबरें आनी शुरू हो गईं थी कि सैटेलाइट से सिग्नल नहीं मिल पा रहे हैं। अभियान से जुड़े लोगों ने कहा कि सैटेलाइट ने दूसरी कक्षा को भी सामान्य तरीके से पार कर लिया, लेकिन इसके तुरंत बाद ही कुछ परेशानी सामने आने लगी।
270 करोड़ रुपए की लागत से बना है उपग्रह जीसैट-6ए
इसरो द्वारा निर्मित ये उपग्रह करीब 270 करोड़ रुपए में बनकर तैयार हुआ है। 415.6 टन वजनी और 49.1 मीटर लंबे इस उपग्रह को 29 मार्च को भारतीय रॉकेट का आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा अंतरिक्ष केंद्र से सफल प्रक्षेपण किया गया था। इसरो ने इस उपग्रह में तकनीकी सुधार किए हैं। इसमें उच्च गति के विकास इंजन और इलेक्ट्रोमैकेनिकल एक्ट्यूएशन सिस्टम (विद्युत प्रसंस्करण प्रणाली) शामिल किया गया है। इसरो ने कहा था कि जीसैट-6ए उपग्रह जीसैट-6 उपग्रह के समान हैं।
.पावर सिस्टम में हुई है तकनीकी खराबी
जीसैट-6ए से संपर्क टूटने के पीछे उपग्रह के पावर सिस्टम आई खराबी को जिम्मेदार बताया जा रहा है। ये खराबी क्यों आईं है और इसके पीछे क्या कारण है अभी इस बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। इससे पहले अगरस्त 2017 में इसरो का एक अभियान नाकाम हुआ था।