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हरियाणा में वाटर कैनन बंद करने वाले किसान पर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज

हरियाणा पुलिस ने वाटर कैनन को बंद करने वाले 26 वर्षीय किसान नवदीप सिंह पर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया है। पुलिस किसानों को तितर-बितर करने के लिए वाटर कैनन से पानी की बौछार कर रही थी।

Edited by: IndiaTV Hindi Desk
Published : Nov 28, 2020 08:03 pm IST, Updated : Nov 28, 2020 08:03 pm IST
Farmers protest: Navdeep Singh, who turned off water cannon, charged with ‘attempt to murder’- India TV Hindi
Image Source : TWITTER हरियाणा पुलिस ने वाटर कैनन को बंद करने वाले 26 वर्षीय किसान पर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया है।

नई दिल्ली: हरियाणा पुलिस ने वाटर कैनन को बंद करने वाले 26 वर्षीय किसान नवदीप सिंह पर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया है। पुलिस किसानों को तितर-बितर करने के लिए वाटर कैनन से पानी की बौछार कर रही थी। नवदीप के इस 'साहसी' काम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। यह घटना 25 नवंबर को तब हुई थी, जब सैकड़ों किसान, विशाल बोल्डर, कांटेदार बाड़ और मिट्टी के टीले से अवरुद्ध की गई सड़क से ये बाधाएं हटाने का प्रयास कर रहे थे, ताकि वे दिल्ली पहुंचकर 3 नए कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर सकें।

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किसान नवदीप सिंह और भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष गुरनाम सिंह चादुनी पर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने उन पर पुलिस बैरिकेड तोड़ने और अंबाला जिले के पारओ पुलिस स्टेशन में पुलिसकर्मियों पर एक ट्रैक्टर-ट्रेलर चलाने का प्रयास करने का आरोप लगाया है।

हरियाणा पुलिस ने नवदीप सिंह के अलावा भारतीय किसान संघ (बीकेयू) की प्रदेश इकाई के प्रमुख गुरनाम सिंह चारूणी और अन्य किसानों पर ‘दिल्ली चलो’ मार्च के दौरान हत्या का प्रयास, दंगे करने, सरकारी ड्यूटी में बाधा पैदा करने और अन्य आरोपों के तहत मामला दर्ज किया है। पराव पुलिस थाने में हेड कांस्टेबल प्रदीप कुमार की शिकायत पर 26 नवंबर को धारा 307 (हत्या का प्रयास), 147 (दंगा करने), 149 (गैरकानूनी तरीके से एकत्र होने), 186 (लोकसेवकों के सरकारी काम में बाधा पहुंचाना) और 269 (बीमारी का संक्रमण फैलाने जैसे लापरवाही भरे काम कर दूसरों के जीवन को खतरे में डालना) के तहत मामला दर्ज किया गया क्योंकि सैकड़ों किसान दिल्ली जाने के लिए अंबाला छावनी के पास जीटी रोड पर जमा हो गए थे। 

प्राथमिकी में चारुणी और कई अन्य अज्ञात किसानों को नामजद किया गया है। प्राथमिकी में कहा गया है कि घटनास्थल पर पुलिस टीम का नेतृत्व कर रहे पुलिस उपाधीक्षक राम कुमार ने चारुणी को आगे बढ़ने से रोका लेकिन उन्होंने मना कर दिया। इसमें कहा गया है कि चारुणी और अन्य किसानों ने अपने ट्रैक्टरों की मदद से पुलिस के बैरिकेड तोड़ दिए। 

एफआईआर के अनुसार, कुछ पुलिस अधिकारी बचकर वहां से निकले अन्यथा वे दिल्ली की ओर बढ़ रहे ट्रैक्टरों से कुचले जा सकते थे। इन लोगों पर कोविड-19 महामारी से संबंधित दिशानिर्देशों के उल्लंघन का भी आरोप है। पुलिस बैरियर तोड़ने व अन्य आरोपों में पंजाब के कुछ किसानों के खिलाफ पानीपत में भी मामला दर्ज किया गया है। 

सेक्टर 29 स्थित पानीपत के सेक्टर 29 पुलिस थाने के प्रभारी राजवीर सिंह ने फोन पर कहा, ‘‘भादंसं की धारा 188 (लोकसेवक द्वारा दिए गए आदेश की अवज्ञा करना), आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 और अन्य प्रावधानों के तहत एक मामला दर्ज किया गया है।” दो दिन पहले हरियाणा के पुलिस प्रमुख मनोज यादव ने कहा था कि उनके बल ने काफी धैर्य से काम लिया। प्रदर्शनकारियों ने कई स्थानों पर पथराव किया।

डीजीपी ने बयान जारी कर कहा था कि पूरे प्रकरण में न केवल काफी संख्या में पुलिसकर्मी जख्मी हुए बल्कि पुलिस के और निजी वाहनों को क्षति भी पहुंची। प्रदर्शनकारियों को इकट्ठा होने से रोकने के लिए हरियाणा के कई हिस्सों में सीआरपीसी की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लगा दी गई है। किसान नये कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि नये कानून से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की व्यवस्था समाप्त हो जाएगी।

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