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चंद्रयान-2: चंद्रमा के लिए निकल पड़ा चंद्रयान, 48 दिन बाद होगी लेंडिंग

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष के. सिवन ने रविवार को बताया कि रविवार शाम 6.43 बजे से चंद्रयान-2 लांच करने की उल्टी गिनती शुरू।

Edited by: IndiaTV Hindi Desk
Published : Jul 21, 2019 05:09 pm IST, Updated : Jul 22, 2019 02:43 pm IST
Countdown for Chandrayaan-2 mission to start at 6.43 pm: ISRO- India TV Hindi
Countdown for Chandrayaan-2 mission to start at 6.43 pm: ISRO

चेन्नई | चांद पर भारत के दूसरे महत्वाकांक्षी मिशन चंद्रयान-2 को सोमवार को से सबसे शक्तिशाली रॉकेट जीएसएलवी-मार्क III-एम1 के जरिए प्रक्षेपित किया जायेगा। चेन्नई से लगभग 100 किलोमीटर दूर सतीश धवन अंतरिक्ष केन्द्र में दूसरे लांच पैड से चंद्रयान-2 का प्रक्षेपण अपराह्न 2 बजकर 43 मिनट पर किया जायेगा। इस मिशन की लागत 978 करोड़ रुपये है। एक सप्ताह पहले तकनीकी गड़बड़ी आने के बाद चंद्रयान-2 का प्रक्षेपण रोक दिया गया था। 

इस बीच इसरो ने ट्वीट कर बताया है कि लॉन्‍चिंग में 2 घंटे का समय बचा है।  GSLV MkIII-M1 में क्रायोजेनिक स्‍टेज (सी25) लिक्विड ऑक्‍सीजन भरने की प्रक्रिया पूरी हो गई है। लिक्विड हाइड्रोजन भरे जाने की प्रक्रिया जारी है। 

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के वैज्ञानिकों ने 15 जुलाई को मिशन के प्रक्षेपण से 56 मिनट 24 सेकंड पहले मिशन नियंत्रण कक्ष से घोषणा के बाद रात 1.55 बजे इसे रोक दिया था। कई दिग्गज वैज्ञानिकों ने इस कदम के लिए इसरो की प्रशंसा भी की थी। उनका कहना था कि जल्दबाजी में कदम उठाने से बड़ा हादसा हो सकता था। तीन दिन पहले ही इसे प्रक्षेपित किये जाने की नई तिथि की घोषणा की गई थी। इसरो ने घोषणा की कि रविवार की शाम छह बजकर 43 मिनट पर प्रक्षेपण के लिए 20 घंटे की उल्टी गिनती शुरू हो गई। 

इसरो के अनुसार ‘चंद्रयान-2’ चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव क्षेत्र में उतरेगा, जहां वह इसके अनछुए पहलुओं को जानने का प्रयास करेगा। इससे 11 साल पहले इसरो ने अपने पहले सफल चंद्र मिशन ‘चंद्रयान-1’ का प्रक्षेपण किया था जिसने चंद्रमा के 3,400 से अधिक चक्कर लगाए और यह 29 अगस्त, 2009 तक 312 दिन तक काम करता रहा। इसरो ने इस मिशन के प्रक्षेपण की नई तिथि की घोषणा करते हुए 18 जुलाई को ट्वीट किया था, ‘‘ ‘बाहुबली’ कहा जाने वाला जीएसएलवी मार्क-।।। रॉकेट अब अरबों लोगों के सपने को ‘चंद्रयान-2’ के रूप में चंद्रमा पर ले जाने के लिए तैयार है।’’ 

उन्होंने कहा, ‘‘ 3,850 किलोग्राम वजनी ‘चंद्रयान-2’ का प्रक्षेपण श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से 22 जुलाई 2019 को अपराह्न दो बजकर 43 मिनट पर होगा। यह अपने साथ एक ऑर्बिटर, एक लैंडर और एक रोवर ले जाएगा और चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरेगा।’’ इस मिशन के प्रक्षेपण की पूर्व संध्या पर इसरो के अध्यक्ष के. सिवन ने बताया कि सभी तैयारियां हो गई हैं और गड़बड़ी को ठीक कर लिया गया है। 

उन्होंने यहां आते समय चेन्नई हवाईअड्डे पर पत्रकारों से कहा, ‘‘15 जुलाई को सामने आई तकनीकी खामी को दूर कर लिया गया है। प्रक्षेपण यान अच्छी स्थिति में है...(प्रक्षेपण से पहले) का अभ्यास सफलतापूर्वक ढंग से पूरा किया गया है।’’ इसरो प्रमुख ने कहा कि वैज्ञानिक चांद के दक्षिणी ध्रुव क्षेत्र में चन्द्रयान-2 के लैंडर को उतारेंगे जहां अब तक कोई देश नहीं गया है।

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