Monday, January 12, 2026
Advertisement
  1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने कहा- CAA पूरी तरह से केंद्रीय सूची का विषय

केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने कहा- CAA पूरी तरह से केंद्रीय सूची का विषय

यह पूछे जाने पर कि क्या विरोध कर रही राज्य सरकारें इसे लागू करेंगी, उन्होंने कहा, ‘‘इसके अलावा कोई चारा नहीं है, उन्हें लागू करना ही पड़ेगा।’’

Written by: Bhasha
Published : Jan 18, 2020 04:48 pm IST, Updated : Jan 18, 2020 04:49 pm IST
 Kerala governor M Arif Khan - India TV Hindi
Image Source : PTI Kerala governor M Arif Khan 

जयपुर। केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने शनिवार को कहा कि संशोधित नागरिकता अधिनियम (सीएए) पूरी तरह से केंद्रीय सूची का विषय है और सभी राज्यों को इसे लागू करना ही पड़ेगा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि भारत की परंपरा ज्ञान की परंपरा है। जयपुर में कार्यक्रम में आए खान से जब अनेक राज्य सरकारों द्वारा सीएए का विरोध किए जाने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘‘सीएए खालिस और खालिस केंद्रीय सूची का विषय है, ये राज्य सूची का विषय नहीं है। हम सभी को अपने अधिकार क्षेत्र को पहचानने की जरूरत है।’’

यह पूछे जाने पर कि क्या विरोध कर रही राज्य सरकारें इसे लागू करेंगी, उन्होंने कहा, ‘‘इसके अलावा कोई चारा नहीं है, उन्हें लागू करना ही पड़ेगा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘लोग किसी भी विषय पर अपनी अपनी राय रखते हैं, उसका स्वागत है। बस एक बात का ध्यान रखना चाहिए, हमें अपनी राय देने का अधिकार है, अपनी राय पर अड़े रहने का अधिकार है, अपनी बात के लिए विरोध करने का भी अधिकार है लेकिन यह अधिकार नहीं है कि हम कानून की सीमाएं तोड़ें।’’

उन्होंने कहा, ‘‘किसी मुद्दे पर मतभेद होने पर बौद्धिक शक्ति का प्रयोग करके आप उस पर तर्क दे सकते हैं, यह अधिकार हर किसी को है। इसके साथ ही उच्चतम न्यायालय में जाकर उसको चुनौती देने का अधिकार है।’’ खान ने कहा कि सीएए जैसे मुद्दे का विरोध पहली बार नहीं हो रहा। इससे पहले भी जब केंद्र सरकार ने उच्चतम न्यायालय के एक फैसले को पलटा था तो बहुत विरोध हुआ था। उसके बाद भी बड़े आंदोलन हुए। उन्होंने कहा कि भारत की परंपरा ज्ञान की परंपरा है जिसे पुनर्जीवित किए जाने की जरूरत है।

आरिफ मोहम्मद खान ने कहा,‘‘ हमारा शोषण कोई तभी कर सकता है जब हम खुद इसके लिए तैयार हों। ऐसा एक ही स्थिति में होता है, वह है अज्ञान की स्थिति। उसका हर कोई फायदा उठा सकता है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘’मैं तो जोर देता हूं कि हमें खुद अपनी परंपरा याद रखनी चाहिए। हम समझ रहे हैं कि अशिक्षा, दरिद्रता, अज्ञान जैसे ये हिंदुस्तान का प्रतीक (हॉलमार्क) है। नहीं, ये नहीं है हिंदुस्तान का हॉलमार्क। हिंदुस्तान का हॉलमार्क है ज्ञान। उसको पुनर्जीवित करिए।’’

Latest India News

Google पर इंडिया टीवी को अपना पसंदीदा न्यूज सोर्स बनाने के लिए यहां
क्लिक करें

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। National से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत

Advertisement
Advertisement
Advertisement