नमक शरीर में सोडियम बढ़ाने का काम करता है। हाई बीपी के मरीजों को हाई सोडियम से बचने का सुझाव दिया जाता है। लेकिन, नमक शरीर के लिए जरूरी भी है क्योंकि ये इलेक्ट्रोलाइट से भरपूर है और शरीर के इलेक्ट्रिकल सिग्नल को बेहतर बनाने में मदद करता है। बिना नमक के शरीर, खासकर कि इसके ब्रेन और सेल्स आराम से काम नहीं कर पाते हैं और व्यक्ति कोमा जैसी स्थिति में भी जा सकता है। ऐसे में सवाल ये है कि अगर आपको हाई बीपी की समस्या है तो आपको काला नमक या सेंधा नमक सा सेवन करना चाहिए या नहीं। अगर करें तो कौन से नमक का चुनाव करें। जानते हैं इस बारे में विस्तार से।
काला नमक या सेंधा नमक कौन सा बेहतर है
काला नमक पूरी तरह से प्राकृतिक नहीं है और इसमें एक अलग गंध और स्वाद होता है, जबकि सेंधा नमक (kala namak sendha namak mein antar) पूरी तरह से प्राकृतिक है और इसका रंग हल्का गुलाबी होता है।आयुर्वेद में, सेंधा नमक का उपयोग पित्त दोष को दूर करने के लिए किया जाता है, जबकि काला नमक का उपयोग गैस, कब्ज और पाचन समस्याओं को दूर करने के लिए किया जाता है। सेंधा नमक खाने से दिल के लिए अच्छा होता है और मधुमेह को रोकने में मदद मिल सकती है, जबकि काला नमक कोई विशेष लाभ नहीं देता है।
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तो, हाई बीपी में क्या खाएं?
सेंधा नमक में सोडियम की मात्रा कम होती है जो कि बीपी नहीं बढ़ाता है। दरअसल, सोडियम ब्लड वेसेल्स की दीवारों को नुकसान पहुंचाता है और दिल पर प्रेशर बढ़ाता है। इसके अलावा ये खून की रफ्तार को भी नॉर्मल रखने में मदद करता है। इसके अलावा ये शरीर को नुकसान नहीं पहुंचाता है। इसलिए अगर आपको हाई बीपी की समस्या है तो आप सेंधा नमक का सेवन करें।
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हालांकि, जब पेट से जुड़ी समस्याएं होती हैं तो आपको काला नमक का सेवन करना चाहिए। ऐसा करना डाइजेस्टिव एंजाइम्स को बढ़ावा देता है और कब्ज और गैस समेत पेट से जुड़ी कई समस्याओं को कम करने में मदद करता है। तो, दोनों ही नमक हेल्दी हैं पर हाई बीपी है तो सेंधा नमक का चुनाव करें।