गर्मी का मौसम धूप, छुट्टियाँ और मौज-मस्ती लेकर आता है, लेकिन इसके साथ ही स्वास्थ्य से जुड़ी कई चुनौतियाँ भी आती हैं। इस मौसम में गर्मी बहुत ज़्यादा पड़ती है जिसकी वजह से लोगों को कुछ स्वास्थ्य से जुड़ी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। अगर हम सावधान न रहें तो डिहाइड्रेशन से लेकर फ़ूड पॉइज़निंग तक, गर्मी हमारे स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल सकती है। जानते हैं गर्मियों के दौरान लोगों को किस तरह की स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं और उनसे बचाव के लिए क्या करना चाहिए?
गर्मी के मौसम में हो सकती हैं सेहत से जुड़ी ये परेशानियां:
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डिहाइड्रेशन की समस्या:
गर्म मौसम में ल्प्गों को पसीना बहुत ज़्यादा आता है। इस कारण शरीर में पानी और मिनरल्स की कमी हो जाती है। ऐसे में अगर आप ज़्यादा पानी नहीं पीते हैं तो इस वजह से डिहाइड्रेशन की समस्या हो सकती है, जिससे चक्कर आना, सिरदर्द, थकान और रूखी त्वचा हो सकती है। दिन भर में खूब पानी पिएँ, भले ही आपको प्यास न लगे। अपने आहार में तरबूज, खीरा और संतरे जैसे हाइड्रेटिंग फूड्स को शामिल करें। ज़्यादा कैफीन और शराब से बचें, क्योंकि ये और ज़्यादा डिहाइड्रेट कर सकते हैं। साथ ही धूप में निकलते समय पानी की बोतल साथ रखें।
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स्किन से जुड़ी परेशानी:
लंबे समय तक धूप में रहने से सनबर्न, टैनिंग, चकत्ते, हीट रैश और कई त्वचा संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए बाहर जाने से पहले हमेशा सनस्क्रीन (SPF 30 या उससे ज़्यादा) लगाएँ। पसीने को रोकने के लिए हल्के, हवादार सूती कपड़े पहनें। फंगल संक्रमण से बचने के लिए ठंडे पानी से नहाएँ और अपनी त्वचा को सूखा रखें। सनबर्न के इलाज के लिए एलोवेरा जेल या कोई भी कूलिंग मॉइस्चराइज़र का इस्तेमाल करें।
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यूरिन इंफेक्शन:
डिहाइड्रेशन और अत्यधिक पसीना आने से यूरिन कम हो सकता है, जिससे मूत्र मार्ग में बैक्टीरिया बढ़ जाती है। इस वजह से यूटीआई का जोखिम बढ़ जाता है, खासकर महिलाओं में। ऐसे में अपने सिस्टम से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने के लिए खूब सारे तरल पदार्थ पिएँ। सार्वजनिक शौचालय का उपयोग करने के बाद हाइजीन बनाए रखें। बहुत देर तक पेशाब को रोककर न रखें। बैक्टीरिया को रोकने के लिए ढीले-ढाले, सूती अंडरवियर पहनें।
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हीटस्ट्रोक
लंबे समय तक बाहर रहने से गर्मी से थकावट हो सकती है, जिससे चक्कर, मतली और अत्यधिक पसीना आ सकता है। इस वजह से कई बार लोग यह हीटस्ट्रोक की चपेट में आ जाते हैं। इस प्रसहनी से बचने के लिए ज़्यादा धूप के घंटों (दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक) के दौरान बाहर निकलने से बचें। नारियल पानी जैसे इलेक्ट्रोलाइट युक्त तरल पदार्थ पिएँ


