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कम उम्र में ही क्यों बढ़ रहा है बच्चों के चश्मे का नंबर? जानिए कारण और बचाव के उपाय

पहले जहां चश्मा पहनना उम्र बढ़ने के साथ देखने को मिलता था, वहीं अब छोटे-छोटे बच्चे भी मोटे लेंस वाले चश्मे लगाए दिखते हैं। इसके पीछे कई कारण हैं। चलिए जानते हैं क्या?

Written By: Poonam Yadav @R154Poonam
Published : Mar 24, 2025 09:40 pm IST, Updated : Mar 24, 2025 10:04 pm IST
चश्मे का नंबर बढ़ने के लक्षण- India TV Hindi
Image Source : SOCIAL चश्मे का नंबर बढ़ने के लक्षण

आजकल छोटे बच्चों में चश्मा पहनने की समस्या तेजी से बढ़ रही है। पहले जहां चश्मा पहनना उम्र बढ़ने के साथ देखने को मिलता था, वहीं अब छोटे-छोटे बच्चे भी मोटे लेंस वाले चश्मे लगाए दिखते हैं। इसके पीछे कई कारण हैं, जिनमें स्क्रीन का बढ़ता उपयोग, असंतुलित खानपान और बाहरी गतिविधियों की कमी शामिल हैं। 

बच्चों को कम उम्र में चश्मा लगने के प्रमुख कारण:

  • स्क्रीन का अत्यधिक उपयोग: आजकल बच्चे मोबाइल, लैपटॉप और टीवी का अधिक उपयोग कर रहे हैं। स्क्रीन से निकलने वाली नीली रोशनी आंखों को नुकसान पहुंचाती है और नेत्रदृष्टि को कमजोर बनाती है। दिनभर ऑनलाइन क्लास, गेमिंग और वीडियो देखने से आंखों पर दबाव बढ़ता है, जिससे चश्मे की जरूरत जल्दी पड़ने लगती है।

  • बाहर खेलने की कमी: पहले बच्चे ज्यादातर समय खुले मैदानों में खेलते थे, जिससे उनकी आंखों को प्राकृतिक रोशनी और खुला वातावरण मिलता था। लेकिन अब अधिकतर बच्चे घर के अंदर रहते हैं और स्क्रीन पर ही लगे रहते हैं, जिससे आंखों की मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं।

  • खराब खानपान: आंखों की सेहत के लिए विटामिन ए, सी और ई जैसे पोषक तत्व आवश्यक होते हैं। हरी सब्जियां, गाजर, टमाटर, संतरा और नट्स का सेवन आंखों के लिए फायदेमंद होता है। लेकिन आजकल बच्चों का खानपान जंक फूड और तले-भुने खाद्य पदार्थों पर ज्यादा निर्भर हो गया है, जिससे उनकी आंखों की रोशनी कमजोर होने लगती है।

  • पढ़ाई के गलत तरीके: कम रोशनी में पढ़ना, गलत पॉस्चर में बैठकर पढ़ाई करना और किताबों को आंखों के बहुत करीब रखकर पढ़ने की आदत भी आंखों पर असर डालती है।

चश्मा हटाने और आंखों की रोशनी बढ़ाने के उपाय:

  • स्क्रीन टाइम कम करें: बच्चों को मोबाइल और लैपटॉप से दूर रखने की कोशिश करें। अगर पढ़ाई के लिए स्क्रीन का उपयोग करना जरूरी है, तो 20-20-20 नियम अपनाएं। यानी हर 20 मिनट बाद, 20 सेकंड के लिए, 20 फीट दूर देखें।

  • बाहर खेलने के लिए प्रेरित करें: प्राकृतिक रोशनी और हरे-भरे वातावरण में समय बिताने से आंखों की सेहत बनी रहती है। रोजाना कम से कम 1 घंटे तक बच्चों को बाहर खेलने के लिए भेजें।

  • संतुलित आहार दें: बच्चों को गाजर, पालक, टमाटर, शकरकंद, बादाम और अखरोट जैसे पोषक तत्वों से भरपूर आहार दें। साथ ही, ज्यादा मीठा और जंक फूड खाने से बचाएं।

  • आंखों की एक्सरसाइज कराएं: आंखों को स्वस्थ रखने के लिए रोजाना कुछ आसान एक्सरसाइज कराएं, जैसे – अपनी उंगलियों पर ध्यान केंद्रित कर उन्हें धीरे-धीरे पास और दूर ले जाना। आंखों को गोल-गोल घुमाना। हल्के हाथों से आंखों की मसाज करना।

  • पर्याप्त नींद जरूरी: बच्चों को रोजाना 8-10 घंटे की गहरी नींद लेने दें। अच्छी नींद से आंखों की थकान कम होती है और दृष्टि बेहतर बनी रहती है।

 

 

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