ऑयल पुलिंग करने से मुंह में पाए जाने वाले हानिकारक बैक्टीरिया नष्ट हो जाते हैं। ये हानिकारक बैक्टीरिया दांतों की सड़न, सांसों की बदबू और मसूड़ों की बीमारी का कारण बन सकते हैं। कई रिसर्च में ये पता चला है कि मुंह में तेल रखने से हानिकारक बैक्टीरिया कम होते हैं।
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ऑयल पुलिंग से सांसों की बदबू को कम करने में मदद मिलती है। जिन लोगों को मुंह से बदबू आती है उन्हें हफ्ते में 1-2 बार ऑयल पुलिंग करनी चाहिए। इससे मसूड़े स्वस्थ रहते हैं और सांसों की बदबू दूर होती है।
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दांतों की सड़न को रोकने में भी ऑयल पुलिंग मदद करता है। इससे ओरल हेल्थ में सुधार आता है। ज्यादा मीठा खाने वालों के मुंह में खराब बैक्टीरिया पैदा होने लगते हैं। जिससे दांतों की सड़न शुरू हो जाती है। तेल का कुल्ला करने से कैविटी का खतरा कम होता है।
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तेल का कुल्ला करने से मसूडों की सूजन को कम किया जा सकता है। सूजन एक तरह का मसूड़ों की बीमारी है जिसकी वजह से मसूड़े लाल हो जाते हैं और कई बार खूब निलकने लगता है। प्लाक में पाए जाने वाले बैक्टीरिया मसूड़े की सूजन का एक मुख्य कारण है।
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तेल का कुल्ला करने से दातों को सफेद बनाने में भी मदद मिलती है। इससे मुंह में होने वाली किसी भी तरह की सूजन को कम किया जा सकता है। जिन लोगों को मुंह और गले से संबंधी परेशानी रहती है उन्हें ऑयल पुलिंग जरूर करनी चाहिए।