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सुशांत सिंह राजपूत केस: बिहार पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट से कहा, जांच रोकने का है दबाव

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को सुशांत सिंह राजपूत के पिता द्वारा पटना पुलिस में दर्ज कराए गए मामले को मुंबई स्थानांतरित करने की रिया चक्रवर्ती की याचिका पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया। 

Written by: IANS
Published : Aug 11, 2020 07:25 pm IST, Updated : Aug 11, 2020 07:25 pm IST
सुशांत सिंह राजपूत केस: बिहार पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट से कहा, जांच रोकने का है दबाव- India TV Hindi
Image Source : INSTAGRAM/SUSHANTSINGHRAJPUT_FAN_FOREVER सुशांत सिंह राजपूत केस: बिहार पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट से कहा, जांच रोकने का है दबाव

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को सुशांत सिंह राजपूत के पिता द्वारा पटना पुलिस में दर्ज कराए गए मामले को मुंबई स्थानांतरित करने की रिया चक्रवर्ती की याचिका पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया। न्यायमूर्ति हृषिकेश रॉय की एकल पीठ ने कहा कि रिया ने खुद केंद्रीय जांच ब्यूरो से जांच कराने की गुहार लगाई है।

बिहार सरकार और सुशांत के पिता दोनों अभिनेता की मौत की सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं, जबकि महाराष्ट्र सरकार इसका विरोध कर रही है। शीर्ष अदालत ने मामले में सभी पक्षों से गुरुवार तक लिखित प्रस्तुतियां दायर करने को कहा है।

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बिहार सरकार ने आरोप लगाया कि मुंबई में एफआईआर को रोकने के लिए राजनीतिक दबाव है। वहीं केंद्र का प्रतिनिधित्व कर रहे सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दलील दी कि मामले के दौरान महाराष्ट्र और बिहार दोनों के मुख्यमंत्रियों द्वारा की गई दलीलें इसे सीबीआई जांच के लिए एक फिट केस बनाती हैं।

सुनवाई के दौरान रिया के वकील ने दावा किया कि बिहार में एफआईआर वहां के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इशारे पर हुई है और अगर निष्पक्ष जांच होनी थी, तो यह बिहार पुलिस के इशारे पर नहीं हो सकती।

यह कहते हुए कि स्थानांतरण याचिका को अनुमति दी जानी चाहिए, रिया के वकील ने जोर देकर कहा कि प्रभावी जांच मुंबई में होनी चाहिए, क्योंकि यह मूल अधिकार क्षेत्र वाला स्थान भी है।

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इस बीच, मेहता ने सवाल किया कि मुंबई पुलिस ने 56 लोगों को कैसे बुलाया और उनके बयान दर्ज किए, क्योंकि वे पूछताछ की कार्यवाही के तहत ऐसा नहीं कर सकते। उन्होंने अदालत के समक्ष कहा कि मुंबई पुलिस ने मामले की जांच के लिए कभी भी प्राथमिकी दर्ज नहीं की।

उन्होंने यह भी दलील दी कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पहले ही जांच शुरू कर दी है और एक केंद्रीय एजेंसी द्वारा मामला दर्ज करने के बाद तो एक अन्य केंद्रीय एजेंसी (सीबीआई) को भी इसमें संलग्न किया जाना चाहिए।

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