रांची: राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी संस्थान (एनआइओएस) से डीएलएड (डिप्लोमा इन एलिमेंट्री एजुकेशन) पाठ्यक्रम उत्तीर्ण झारखंड राज्य के लगभग 53 हजार शिक्षकों के लिए खुशखबरी है। इनका सरकारी शिक्षक बनने का रास्ता साफ हो गया है। राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) ने एनआइओएस के डीएलएड पाठ्यक्रम को प्राथमिक शिक्षक के पद पर नियुक्ति के लिए मान्यता 6 जनवरी 2021 को दे दी है।
एनआइओएस के डीएलएड पाठ्यक्रम को शिक्षक नियुक्ति के लिए मान्यता मिलने से राज्य के 53 हजार डीएलएड उत्तीर्ण लोगों ने प्राथमिक शिक्षक नियुक्ति की अर्हता प्राप्त कर ली है, बशर्ते वे शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण हो जाते हैं। मान्यता मिलने से इतने डीएलएड उत्तीर्ण लोगों ने झारखंड एकेडमिक काउंसिल द्वारा आयोजित होने वाली शिक्षक पात्रता परीक्षा में शामिल होने की अर्हता प्राप्त कर ली है।
एनआइओएस के रांची स्थित क्षेत्रीय कार्यालय के मुताबिक, अबतक इस संस्थान से झारखंड के 53,136 लोगों ने डीएलएड पाठ्यक्रम पूरा किया है। इनमें निजी स्कूलों में पढ़ा रहे शिक्षक के अलावा पारा शिक्षक शामिल हैं। इनमें 14 हजार पारा शिक्षकों ने एनआइओएस से डीएलएड का पाठ्यक्रम पूरा किया है। बताया जाता है कि एनसीटीई ने पटना हाईकोर्ट के एक आदेश के आलोक में इस पाठ्यक्रम की मान्यता प्रदान की है। एनआइओएस ने मान्यता दिए जाने की जानकारी राज्य के मुख्य सचिव को पत्र भेजकर दी है।
ऐसे किया था NIOS से डीएलएड पाठ्यक्रम
नि:शुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत सरकारी या निजी स्कूलों में पढ़ाने वाले सभी शिक्षकों को प्रशिक्षित होना अनिवार्य है। इसे लेकर केंद्र सरकार ने अप्रशिक्षित रह गए सभी शिक्षकों को 31 मार्च 2019 तक एनआइओएस से डीएलएड पाठ्यक्रम करने का अवसर प्रदान किया था। इस अवसर का लाभ लेते हुए राज्य से लगभग 53 हजार लोगों (निजी स्कूलों के अप्रशिक्षित शिक्षक तथा अप्रशिक्षित पारा शिक्षक) ने यह पाठ्यक्रम दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से पूरा किया।