नई दिल्ली: बड़े-बड़े बैनर, कंपनियों के लोकलुभावन वादों के बीच उनकी जालसाजी के उकता गए हैं और समझ नहीं आ रहा है ऐसे में आप किससे मदद मांगे तो हम आपको बता दें कि उपभोक्ता फोरम ही एकमात्र मंच है जहां न सिर्फ आपको न्याय मिलेगा बल्कि आप ऐसी कंपनियों को सबक भी सिखा सकेंगे जो आप जैसे ही तमाम लोगों को परेशान करते हैं। उपभोक्ता फोरम में महज 100 रुपए की फीस में आप एक लाख तक के दावे वाले मुकदमे पेश कर सकते हैं। इस खबर में हम आपको उपोभोक्ता फोरम जाने की पूरी प्रक्रिया, फीस और उपभोक्ता के अधिकारो के बारे में बताएंगे।
जानिए उपभोक्ता फोरम से जुड़ी हर एक महत्वपूर्ण जानकारी और प्रक्रिया।
क्या होता है कंज्यूमर फोरम
कंज्यूमर फोरम एक सरकारी संस्था होती है जहां विक्रेता और सप्लाइयर के खिलाफ शिकायत दर्ज की जाती है। इन्हें कंस्यूमर कोर्ट भी कहा जाता है जो अधिनियम के तहत जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर ग्राहक अविलंबित समस्याओं का समाधान कर दोषियों पर दंडात्मक कार्रवाई की जाती है। जब भी आप कोई चीज़ खरीदते है तो अकसर दुकानदार, कंपनी, डीलर या सर्विस प्रोवाइडर्स अपने मुनाफे के लिए आपको धोखा दे सकते है। अगर ऐसे में ग्राहक की दुकानदार, कंपनी, डीलर या सर्विस प्रोवाइडर्स सुनवाई नहीं करते तो कंज्यूमर फोरम यानी की उपभोक्ता फोरम का दरवाजा खटखटाया जा सकता है।
कंज्यूमर फोरम, मिनिस्ट्री ऑफ कंज्यूमर अफेयर्स, फूड एण्ड पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन के अंतर्गत आता है। इस मंत्रालय के अनुसार साल 2012 के अंत तक करीब 37 हजार उपभोक्ताओं ने कंज्यूमर फोरम में शिकायत दर्ज की थी। जिसमें से जिला स्तरीय लगभग 92 प्रतिशत शिकायतों का समाधान कर लिया गया था।