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'कुरान में लिखा है कि उसे सजा मिलेगी', मुर्शिदाबाद हिंसा पर बोले बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में भड़की हिंसा पर बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान का बयान सामने आया है।

Written By: Rituraj Tripathi @riturajfbd
Published : Apr 20, 2025 05:07 pm IST, Updated : Apr 20, 2025 05:39 pm IST
Arif Mohammad Khan- India TV Hindi
Image Source : PTI/FILE बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान

पटना: बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में भड़की हिंसा पर बयान दिया है। उन्होंने कहा, 'स्थिति चाहे जो भी हो, जो कोई भी लोगों को बांटने की कोशिश करेगा, कुरान में लिखा है कि उसे सजा मिलेगी।'

हालही में राज्यपाल सी वी आनंद बोस ने की थी पीड़ितों से मुलाकात

दरअसल पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में वक्फ संशोधन एक्ट के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हिंसा हुई थी। इसमें कई लोग मारे गए थे। ऐसे में हालही में हिंसा प्रभावित लोगों से राज्यपाल सी वी आनंद बोस ने मुलाकात की थी। उन्होंने पीड़ित परिवारजनों को हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया था। 

गौरतलब है कि हरगोविंद दास और चंदन दास के शव शमशेरगंज के जाफराबाद इलाके में उनके घर में पाए गए थे और शरीर पर चाकू से वार के कई निशान थे। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक राज्यपाल ने परिवार के सदस्यों से बात की और उन्हें सहायता का आश्वासन दिया। वहीं परिजनों ने घटना की सीबीआई जांच की मांग की है।

बीजेपी नेता दिलीप घोष ने सीएम पर लगाए थे आरोप

हालही में मुर्शिदाबाद हिंसा की घटनाओं के लिए बीजेपी नेता दिलीप घोष ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को जिम्मेदार ठहराया था। उन्होंने कहा था कि ये घटनाएं सीएम ममता बनर्जी के निर्देश पर ही हुई थीं। उन्होंने कहा था कि ममता बनर्जी क्या कर रही हैं? उनके पास प्रशासन और सरकार है; उन्हें कार्रवाई करनी चाहिए। हमने एक वायरल वीडियो में देखा कि दंगों से पहले उनके अपने लोग लोगों को भड़का रहे थे। उन्हें पकड़ा जाना चाहिए। 

कैसे भड़की थी हिंसा?

वक्फ संशोधन कानून के खिलाफ मुर्शिदाबाद में हिंसा भड़क गई थी। ये हिंसा कैसे भड़की, इस बारे में राज्य सरकार ने कलकत्ता हाई कोर्ट को हलफनामा दाखिल कर बताया था। इस हिंसा को लेकर राज्य सरकार ने कलकत्ता हाई कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर बताया है कि हिंसा के दिन करीब 10,000 की भीड़ जमा हो गई थी। भीड़ में से करीब 10 लोगों के पास घातक हथियार थे, जिनसे पुलिस को अपने अधिकारियों को बचाना पड़ा।  भीड़ ने तैनात पुलिसकर्मी की पिस्तौल भी छीन ली थी।

रिपोर्ट में कहा गया है कि करीब 8 से 10 हजार लोगों की भीड़ पीडब्ल्यूडी ग्राउंड आउट पर जमा हुई और इसमें करीब 5 हजार लोग उमरपुर की ओर बढ़ गए और एनएच को जाम कर दिया। इसके बाद भीड़ बेकाबू हो गई और उन्होंने पुलिस कर्मियों पर ईंट-पत्थर फेंकना शुरू कर दिया। भीड़ ने SDPO का ग्लोक पिस्तौल छीना और उनकी सरकारी गाड़ी में आग लगाई। इस हिंसा में कुछ लोगों की मौत भी हो गई।

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