वाशिंगटन: अमेरिका की एक मीडिया निगरानी समिति ने कर्नाटक पुलिस से पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या की गहन जांच कराने का आज आग्रह किया। गौरी लंकेश 55 की कल बेंगलुरू में अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। कमेटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट सीपीजे एशिया प्रोग्राम के समन्वयक स्टीवन बटलर ने कहा हम कर्नाटक पुलिस से गौरी लंकेश की हत्या की गहन जांच कराये जाने का आग्रह करते है। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि प्रेस स्वतंत्र ढंग से अपना काम कर सकें। (उत्तर कोरिया पर नरम पड़ा अमेरिका कहा, सैन्य हमला नहीं है पहला विकल्प)
गौरतलब है कि पत्रकार गौरी लंकेश की उन्के बेंगलुरू स्थित घर पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। बदमाशों ने गौरी लंकेश पर तब अंधाधुंध फायरिंग की जब वो अपनी कार से उतरकर अपने घर जा रही थीं। उन्हें काफी करीब से गोलियां मारी गईं जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। चश्मदीद के मुताबिक, “मैं बाहर आया और देखा उनका शव जमीन पर गिरा है। उनकी कार बाहर पार्क की हुई थी। वो कार को पार्क करने के लिए अपने घर में घुसने ही वाली थी, लेकिन उससे पहले ही कुछ लोगों ने उन पर हमला कर दिया। उनपर फायरिंग कर दी। उनके सीने और सिर पर गोली मारी गई। मुझे लगता है मौके पर ही उनकी मौत हो गई थी।
कौन थीं गौरी लंकेश
-अपने बेबाक लेखों के लिए जानी जाने वाली
-गौरी लंकेश कन्नड़ भाषा की साप्ताहिक 'गौरी लंकेश' पत्रिका की संपादक थीं
-55 साल की गौरी कन्नड़ पत्रकार और फिल्मकार पी लंकेश की बेटी थीं
-वामपंथी विचारधारा से प्रभावित गौरी हिंदुत्ववादी राजनीति की मुखर आलोचक थीं
बताया जा रहा है कि वैचारिक मतभेद को लेकर गौरी लंकेश कुछ लोगों के निशाने पर थीं। पिछले साल भाजपा सांसद प्रह्लाद जोशी की तरफ से दायर मानहानि केस में गौरी लंकेश दोषी करार दी गईं थीं। प्रह्लाद जोशी ने 2008 में उनकी पत्रिका में भाजपा नेताओं के ख़िलाफ़ एक ख़बर पर आपत्ति जताई थी।
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