इस्लामाबाद: पाकिस्तान ने उत्तर सीरिया में कुर्द बलों के खिलाफ तुर्की की कार्रवाई समर्थन किया है। तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोआन के इस महीने के अंत में इस्लामाबाद दौर पर आने की अटकलों के बीच पाकिस्तान ने उसका समर्थन किया है। आपको बता दें कि कश्मीर के मुद्दे पर दुनिया में अलग-थलग पड़ चुके पाकिस्तान का तुर्की ने संयुक्त राष्ट्र में समर्थन किया था। माना जा रहा है कि सीरिया पर तुर्की की कार्रवाई का समर्थन कर पाकिस्तान उसी ‘अहसान’ का बदला चुका रहा है।
तुर्की ने पूर्वोत्तर सीरिया में कुर्दों के नियंत्रण वाले इलाकों में बुधवार को हवाई हमले किए जिससे अब जमीन पर भी संघर्ष होने के आसार बन गए। एर्दोआन ने शुक्रवार को कहा था कि उनका देश उत्तर सीरिया के कथित कुर्द चरमपंथियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं रोकेगा। साथ ही, राष्ट्रपति ने (कार्रवाई रोकने की) अन्य देशों की मांग को ‘धमकी’ करार देते हुए उसे सिरे से खारिज कर दिया। पाकिस्तान सरकार की ओर से शुक्रवार को जारी बयान में कहा गया कि प्रधानमंत्री इमरान खान ने ‘समर्थन और एकजुटता’ प्रकट करने के लिए तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोआन को फोन किया।
पाकिस्तान सरकार द्वारा जारी किए गए बयान के मुताबिक खान ने एर्दोआन से कहा कि पाकिस्तान आंतकवाद पर तुर्की की चिंताओं, खतरे और चुनौतियों को समझता है जिसमें हाल के वर्षों में 40,000 लोगों की मौत हुई है। खान ने कहा कि वे प्रार्थना करते हैं, ‘तुर्की ने सीरिया में सुरक्षा, क्षेत्रीय स्थिरता और शांतिपूर्ण समाधान खोजने की जो कोशिश की है वह पूरी तरह से सफल हो।’
गौरतलब है कि इस महीने के अंत में एर्दोआन का पाकिस्तान दौरा प्रस्तावित है। इस बीच, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने तुर्की पर प्रतिबंध लगाने की धमकी दी है। वित्त मंत्री स्टीवन म्नुचिन ने पत्रकारों से कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक नये शासकीय आदेश पर हस्ताक्षर कर सकते हैं, जिससे वित्त मंत्रालय को ‘बेहद महत्वपूर्ण नए प्रतिबंध अधिकार’ मिल सकते हैं और जिससे तुर्की सरकार से जुड़े किसी भी व्यक्ति को निशाना बनाया जा सकता है।
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