A
Hindi News उत्तर प्रदेश संभल का एक और पाकिस्तान कनेक्शन आया सामने, लाहौर जेल में बंद है मोहम्मद उस्मान

संभल का एक और पाकिस्तान कनेक्शन आया सामने, लाहौर जेल में बंद है मोहम्मद उस्मान

उत्तर प्रदेश के संभल के रहने वाले मोहम्मद उस्मान को पाकिस्तान में गिरफ्तार कर लिया गया है। मोहम्मद उस्मान को पाकिस्तान के लाहौर जेल में बंद रखा गया है। जानकारी के मुताबिक मोहम्मद उस्मान एक्यूआईएस चीफ असीम उमर का करीबा था।

Another Pakistan connection of Sambhal has come to light Mohammad Usman is lodged in Lahore jail- India TV Hindi Image Source : INDIA TV पाकिस्तान की जेल में बंद है मोहम्मद उस्मान

उत्तर प्रदेश के संभल में रहने वाले एक शख्स का पाकिस्तान कनेक्शन सामने आया है। दरअसल संभल का रहने वाले मोहम्मद उस्मान को पाकिस्तान में गिरफ्तार किया गया है। फिलहाल मोहम्मद उस्मान पाकिस्तान की लाहौर जेल में बंद है। विदेश मंत्रालय ने संभल पुलिस से मोहम्मद उस्मान की जानकारी मांगी थी। इसके बाद संभल पुलिस ने विदेश मंत्रालय को उस्मान की जानकारी भेजी। बता दें कि मोहम्मद उस्मान एक्यूआईएस चीफ असीम उमर का करीबी था। असीम उमर को अमेरिका ने ड्रोन हमले में मार दिया था। बता दें कि मोहम्मद उस्मान संभल के दीपा सराय का रहने वाला है। वहीं असीम उमर भी संभव का रहने वाला था। बता दें कि मोहम्मद उस्मान ने संभल में 2 करीबियों के नाम की जगह पूर्व सांसद शफीकुर्रहमान का नाम लिखा है। 

संभल हिंसा के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई जारी

दूसरी तरफ यूपी के संभल जिले में हुई हिंसा के मामले में पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। वहीं अब पुलिस ने अपराधियों को खोजने के लिए शहर भर में पोस्टर लगाना शुरू कर दिया है। पुलिस ने पिछले साल 24 नवंबर को शाही जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान हुई हिंसा के मामले में संदिग्ध रूप से शामिल 74 लोगों के पोस्टर पूरे शहर में लगवाए हैं। अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी है। शहर भर में पुलिस द्वारा लगवाए गए संदिग्धों के पोस्टर का वीडियो भी सामने आया है। फिलहाल सभी संदिग्धों की पहचान की जा रही है। पुलिस का कहना है कि इसके लिए स्थानीय लोगों की भी मदद ली जा रही है।

 अपराधियों के लगाए गए पोस्टर

अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि सीसीटीवी फुटेज में कैद की गई तस्वीरों से बने पोस्टरों को आरोपियों की पहचान करने में मदद के लिए विभिन्न स्थानों पर प्रदर्शित किया गया है। अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) श्रीश चंद्र ने संवाददाताओं को बताया, "सीसीटीवी में दिख रहे लोग सीधे तौर पर हिंसा में शामिल थे। उनकी पहचान की पुष्टि होनी बाकी है, इसलिए उन्हें पहचानने में जनता की मदद लेने के लिए पोस्टर लगाए गए हैं।" उन्होंने कहा कि इन 74 उपद्रवियों की पहचान करने के लिए विश्वसनीय सुबूत देने वाले मुखबिरों को नकद पुरस्कार दिया जाएगा।