48 लाख केंद्रीय कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, नए भत्तों के साथ बढ़कर मिलेगी जुलाई की सैलरी
48 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और लगभग इतने ही पेंशनभोगियों के लिए अच्छी खबर है। इन सभी कर्मचारिओं और पेशनर्स को जुलाई की सैलरी बढ़े हुए भत्तों के साथ मिलेगी
नई दिल्ली। 48 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और लगभग इतने ही पेंशनभोगियों के लिए अच्छी खबर है। इन सभी कर्मचारिओं और पेशनर्स को जुलाई की सैलरी बढ़े हुए भत्तों के साथ मिलेगी। 7th Pay Commission (CPC) द्वारा दी गई सिफारिशों को सरकार ने 6 जुलाई 2017 को भारत के राजपत्र में अधिसूचित कर दिया है। भत्तों की संशोधित दरें 1 जुलाई 2017 से प्रभावी होंगी। वित्त मंत्रालय ने सभी केंद्रीय मंत्रालयों से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि सातवें केंद्रीय वेतन आयोग के तहत संशोधित भत्तों का भुगतान चालू जुलाई महीने से किया जाए। इस कदम से 48 लाख कर्मचारियों को फायदा होगा।
7th Pay Commission ने भत्तों को महंगाई के अनुरूप बनाने की सिफारिश की थी, जो महंगाई भत्ते की दर में दिखाई देंगे। वेतन के प्रतिशत के रूप में भुगतान किए जाने वाले भत्तों को 0.8 गुणांक से युक्तिसंगत बनाया गया है। जहां तक मकान किराया भत्ता (एचआरए) की बात है, 7वें वेतन आयोग ने इसे बरकरार रखने की सिफारिश की और इसे 0.8 गुणांक से युक्तिसंगत बनाया है।
वर्तमान में, मकान किराया भत्ता (एचआरए) एक्स श्रेणी (50 लाख या इससे अधिक जनसंख्या वाले शहर) के शहरों के लिए 30 प्रतिशत की दर से, वाई श्रेणी (5 लाख से 50 लाख तक जनसंख्या) के शहरों के लिए 20 प्रतिशत और जेड श्रेणी (5 लाख से कम जनसंख्या) के शहरों में 10 प्रतिशत की दर से दिया जाता है। 7th Pay Commission ने इन मौजूदा दरों को घटाकर एक्स श्रेणी के लिए 24 प्रतिशत, वाई के लिए 16 प्रतिशत और जेड के लिए 8 प्रतिशत करने का सुझाव दिया था।
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सरकार ने महसूस किया कि निम्न दरों पर प्रस्तावित HRA कम वेतन वाले कर्मचारियों के लिए पर्याप्त नहीं हो सकता। इसके परिणामस्वरूप, सरकार ने तय किया कि एक्स, वाई और जेड श्रेणी के लिए एचआरए क्रमश: 5400, 3600 और 1800 रुपए से कम नहीं होगा। इस फ्लोर रेट की गणना 18,000 रुपए के न्यूनतम वेतन पर 30 प्रतिशत, 20 प्रतिशत और 10 प्रतिशत के हिसाब से की गई है। इससे लेवल एक से तीन तक के 7.5 लाख कर्मचारियों को फायदा होगा।
7वें वेतन आयोग ने यह भी सिफारिश की थी कि HRA दरों में दो ही चरणों में संशोधन किया जाना चाहिए, पहला जब डीए 50 प्रतिशत से अधिक हो तब इसे बढ़ाकर 27 प्रतिशत, 18 प्रतिशत और 9 प्रतिशत किया जाए। डीए जब 100 प्रतिशत से अधिक हो तब इसे 30 प्रतिशत, 20 प्रतिशत और 10 प्रतिशत किया जाए। हालांकि सरकार ने इसमें भी संशोधन किया और यह फैसला किया कि जब डीए 25 प्रतिशत और 50 प्रतिशत को पार करेगा तब एचआरए दरों में संशोधन किया जाएगा। इससे उन सभी कर्मचारियों को फायदा होगा, जो सरकार द्वारा प्रदान किए गए घरों में नहीं रहते हैं और एचआरए लेते हैं।