नई दिल्ली। किसी खास बाजार उत्प्रेरक के अभाव और डेरिवेटिव एक्सपायरी की वजह से शेयर बाजार में इस सप्ताह उतार-चढ़ाव रह सकता है। शेयर बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि इसके अलावा विदेशी पूंजी के प्रवाह से भी बाजार धारणा प्रभावित होगी। वहीं बाजार की निगाहें अक्टूबर में होने वाली आरबीआई मौद्रिक नीति बैठक पर टिकी है।
क्या कहते हैं शेयर बाजार के दिग्गज
ट्रेड स्मार्ट ऑनलाइन के संस्थापक निदेशक विजय सिंघानिया ने कहा, किसी बड़े घरेलू संकेतक के अभाव में और डेरिवेटिव एक्सपायरी की वजह से शेयर बाजार में उतार चढ़ाव रहने की संभावना है। सितंबर के डेरिवेटिव अनुबंधों का निपटान गुरूवार को होना है। मौद्रिक नीति बैठक से पहले ब्याज दर आधारित शेयरों में कुछ गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
कोटक सिक्योरिटीज के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और पीसीजी शोध के प्रमुख दीपेन शाह ने कहा, अक्तूबर के आरंभ में रिजर्व बैंक की बैठक पर लोगों की निगाह रहेगी। लोग उम्मीद कर रहे हैं कि केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में कटौती करेगा। वहीं डॉलर के मुकाबले रुपए की घट बढ़ और कच्चे तेल की कीमतें बाजार के रूख को निर्धारित करेंगी।
कैपिटल वाया ग्लोबल रिसर्च लिमिटेड के संस्थापक और सीईओ रोहित गाडिया ने कहा, वायदा एवं विकल्प खंड की समाप्ति के कारण इस सप्ताह शेयर बाजार में सामान्य से अधिक उतार चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
शेयर बाजार की चाल पर नजर
- शेयर बाजार में लगातार तीसरे सप्ताहांत तेजी दर्ज
- सेंसेक्स 69.19 अंक उछला
- निफ्टी में 51.70 अंक की तेजी
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