नई दिल्ली। टाटा कम्यूनिकेशंस ने अपनी अनुषंगी कंपनी नियोटेल को अफ्रीकी टेलीकॉम कंपनी लिक्विड टेलीकॉम को बेचने का समझौता किया है। निजी क्षेत्र की इन कंपनियों का यह करार 2,904 करोड़ रुपए का बताया गया है।
टाटा कम्यूनिकेशंस ने आज बंबई शेयर बाजार को बताया, नियोटेल की शेयरधारको- भारत के टाटा कम्यूनिकेशंस और नेक्सस कनेक्शन के नेतृत्व वाले अल्पांश शेयरधारकों- ने नियोटेल को 6.55 अरब अफ्रीकी रैंड (2,904 करोड़ रुपए) में अधिग्रहीत किए जाने के लिए लिक्विड टेलीकॉम के साथ साहमति जताई है। लिक्विड टेलीकॉम में बहुलांश हिस्सेदारी इकोनेट वायरलेस ग्लोबल की है। टाटा कम्यूनिकेशंस ने कहा कि इस समझौते को नियामकीय मंजूरी मिलनी बाकी है। टाटा कम्यूनिकेशंस ने इससे पहले नियोटेल को वोडाकॉम (दक्षिण अफ्रीका) को बेचने का समझौता किया था पर नियामकीय अड़चनों और शर्तों के पूरा न होने से यह करार सिरे नहीं चढ़ सका। वह सौदा सात अरब रैंड यानी 3,200 करोड़ रुपए में होना था।
नियोटेल दक्षिण अफ्रीका में तार पर आधारित टेलफोन सेवा देने वाली सबसे बड़ी कंपनी है। इसमें टाटा कम्यूनिकेशंस 68 फीसदी की हिस्सेदार है। दक्षिण अफ्रीका से लेकर केन्या तक 12 देशों में फैले 24,000 किलो मीटर फाइबर टेलीकॉम नेटवर्क का परिचालन कर रही लिक्विड टेलीकॉम यह सौदा एक निवेश कंपनी रॉयल बाफोकेंग होल्डिंग्स (आरबीएच) के साथ मिल कर कर रही है। आरबीएच नियोटेल के 30 फीसदी शेयर रखेगी।
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