LIC मार्च 2022 तक शेयर बाजार में हो जाएगी लिस्ट, कानूनी सलाहकार के रूप में सिरिल अमरचंद मंगलदास का हुआ चयन
सरकार ने देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी एलआईसी के आगामी आरंभिक सार्वजनिक निर्गम के लिए सिरिल अमरचंद मंगलदास को कानूनी सलाहकार के रूप में चुना है।
नई दिल्ली। देश के मुख्य आर्थिक सलाहकार (CEA) कृष्णमूर्ति सुब्रमण्यम ने भरोसा जताया है कि भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) चालू वित्त वर्ष की चौथी तिमाही तक शेयर बाजारों में सूचीबद्ध हो जाएगी। सुब्रमण्यम ने इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस (आईएसबी) के पीजीपीएमएएक्स लीडरशिप समिट, 2021 में परिचर्चा सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि चालू वित्त वर्ष के बजट में निजीकरण से 1.75 लाख करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य है। एयर इंडिया के निजीकरण की प्रक्रिया बेहतर तरीके से आगे बढ़ रही है। आपने पढ़ा होगा कि इसके लिए दो बोलियां मिली हैं। भारत पेट्रोलियम और एलआईसी की सूचीबद्धता भी होनी है। मुझे भरोसा है कि चालू वित्त वर्ष की चौथी तिमाही तक एलआईसी सूचीबद्ध हो जाएगी।
उन्होंने कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि इतिहास की दृष्टि से यह निजीकरण के लिए काफी महत्वपूर्ण साल होगा। सरकार ने हाल में देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी एलआईसी के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) के प्रबंधन के लिए गोल्डमैन सैश (इंडिया) सिक्योरिटीज, सिटीग्रुप ग्लोबल मार्केट्स इंडिया, नोमुरा फाइनेंशियल एडवाइजरी एंड सिक्योरिटीज सहित 10 मर्चेंट बैंकरों की नियुक्ति की है। निजीकरण पर पूछे गए सवाल के जवाब में सुब्रमण्यम ने आत्मनिर्भर भारत नीति और निजीकरण को प्रोत्साहन के महत्वपूर्ण सुधार का उल्लेख किया।
दीपम ने एलआईसी के लिए सिरिल अमरचंद मंगलदास को कानूनी सलाहकार चुना
सरकार ने देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी एलआईसी के आगामी आरंभिक सार्वजनिक निर्गम के लिए सिरिल अमरचंद मंगलदास को कानूनी सलाहकार के रूप में चुना है। चार विधि कंपनियों क्रॉफोर्ड बायले, सिरिल अमरचंद मंगलदास, लिंक लीगल और शार्दुल अमरचंद मंगलदास एंड कंपनी ने 24 सितंबर को निवेश एवं लोक संपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) के समक्ष प्रस्तुतीकरण दिया था। इस प्रस्तुतीकरण के बाद सिरिल अमरचंद मंगलदास का चयन एलआईसी के आईपीओ के लिए कानूनी सलाहकार के रूप में किया गया है।
दीपम ने इससे पहले कानूनी सलाहकार की नियुक्ति के लिए 16 जुलाई को अनुरोध प्रस्ताव (आरएफपी) निकाला था। बोली देनी की अंतिम तारीख छह अगस्त थी। हालांकि, उस समय आरएफपी के लिए पर्याप्त प्रतिक्रिया नहीं मिली थी। उसके बाद दो सितंबर को नया आरएफपी निकाला गया और बोली की अंतिम तिथि 16 सितंबर तय की गई। बोली देने वाली कंपनियों ने 24 सितंबर को दीपम के समक्ष प्रस्तुतीकरण दिया। देश के इतिहास के इस सबसे बड़े आईपीओ के प्रबंधन के लिए 10 मर्चेंट बैंकरों का चयन पहले ही किया जा चुका है। सरकार का इरादा एलआईसी को जनवरी-मार्च, 2022 की तिमाही तक सूचीबद्ध कराने का है। सरकार विदेशी निवेशकों को भी एलआईसी में हिस्सेदारी के अधिग्रहण की अनुमति देन पर विचार कर रही है।
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