नई दिल्ली। रिटायरमेंट फंड बॉडी EPFO (कर्मचारी भविष्य निधि संगठन) अगले साल अगस्त तक डिजिटल इंडिया पहल के तहत पूरी तरह से पेपरलेस हो जाएगा। अपनी पांच करोड़ सब्सक्राइबर्स को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के प्रयासों के तहत यह कदम उठाया जा रहा है।
EPFO, जो औपचारिक क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए सामाजिक सुरक्षा योजनाएं जैसे ईपीएफ, पेंशन और इंश्योरेंस स्कीम चलाती है, ईपीएफ विथड्रॉल जैसी कई सेवाओं को ऑनलाइन कर चुकी है। यह औपचारिक क्षेत्र के कर्मचारियों के साथ ही साथ उसके कर्मचारियों के लिए एक अच्छा कदम होगा।
ऑनलाइन सुविधा ईपीएफओ को सार्वजनिक कामों में भ्रष्टाचार और उत्पीड़न को कम करने में भी मदद करेगी। सेंट्रल प्रोवीडेंट फंड कमिश्नर वीपी जॉय ने कहा कि ईपीएफओ ने एक लक्ष्य तय किया है। हमनें अगले स्वतंत्रता दिवस तक इलेक्ट्रॉनिक पेपर-फ्री संगठन बनने का निर्णय लिया है, जहां सभी सेवाएं इलेक्ट्रॉनिकली (ऑनलाइन या मोबाइल हैंडसेट के जरिये) उपलब्ध कराई जाएंगी।
उन्होंने आगे कहा कि एक बार ईपीएफओ पेपरलेस हो जाए उसके बाद लोगों को अपने काम के लिए ऑफिस आने की कोई जरूरत नहीं होगी इससे मानव समय की बचत होगी। ईपीएफओ के पास 10 लाख करोड़ रुपए की संपत्ति है और पिछले वित्त वर्ष में इसने 1.5 लाख करोड़ रुपए का निवेश किया है। ईपीएफओ तीन योजनाएं कर्मचारी भविष्य निधि योजना 1952, कर्मचारी पेंशन योजना 1995 और कर्मचारी डिपॉजिट लिंक्ड इंश्योरेंस स्कीम 1976 का संचालित करती है।
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