नयी दिल्ली। वाहन कल-पुर्जा उद्योग ने सभी कल-पुर्जों पर एक समान 18 प्रतिशत की दर से माल एवं सेवा कर (जीएसटी) लगाने की शुक्रवार को मांग की। उद्योग जगत का कहना है कि इससे कंपनियों को रोजमर्रा की जरूरतों को लेकर लिए गए ऋण का इस्तेमाल दीर्घकालिक उद्देश्यों में करने में मदद मिलेगी।
वाहनों के कल-पुर्जे बनाने वाली कंपनियों के संगठन ऑटोमोटिव कंपोनेंट मैन्यूफैक्चर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एक्मा) के अध्यक्ष राम वेंकटरमानी ने कहा कि वाहन कल-पुर्जा क्षेत्र की ओर से हम सरकार से सभी कल-पुर्जों पर एक समान 18 प्रतिशत की दर से जीएसटी लगाने की मांग करते हैं। उन्होंने एक्मा के वार्षिक सम्मेलन में कहा कि अभी 60 प्रतिशत कल-पुर्जों पर 18 प्रतिशत की दर से जीएसटी लगता है लेकिन अधिक मूल्य के शेष उत्पादों पर 28 प्रतिशत की दर से जीएसटी लगाया जाता है।
वेंकटरमानी ने कहा कि चूंकि हम मुख्यत: बिजनेस-टू-बिजनेस कंपनियां हैं, अत: एक समान 18 प्रतिशत की दर से जीएसटी लगाने से सरकारी खजाने पर कोई असर नहीं पड़ेगा। हालांकि हमें रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के उद्देश्य से वित्तीय संस्थानों से लिए गए कर्ज का बेहतर प्रबंधन करने में मदद मिलेगी जिसका इस्तेमाल दीर्घकालिक उद्देश्यों में निवेश करने में किया जा सकेगा।
वेंकटरमानी ने निर्यात के लिए प्रोत्साहन की भी मांग की। उन्होंने कहा कि भारत स्टेज छह उत्सर्जन मानक को लागू करने में तेजी तथा कुछ ही अंतराल में नये सुरक्षा मानक पेश करने से फिलहाल दिक्कतें हुई हैं लेकिन इससे घरेलू उद्योग को वैश्विक मानकों के समतुल्य आने में मदद मिली है। उन्होंने कहा कि हमारा घरेलू बाजार 9.60 प्रतिशत बढ़ा है और टर्नओवर 10.10 अरब डॉलर पर पहुंच गया है। निर्यात भी 17 प्रतिशत बढ़ा है और इसका टर्नओवर 15.60 अरब डॉलर हो गया है।
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