महाराष्ट्र में इन दिनों सियासी घमासान छिड़ा हुआ है। राज्य की विपक्षी पार्टियों में टूट की जैसे झड़ी लग गई है। बीते दिनों एनसीपी के दो गुट हुए तो आज उद्धव ठाकरे की काफी करीबी मानी जाने वाली नेता नीलम गोरे एकनाथ शिंदे गुट को ज्वाइन कर लिया है। नीलम गोरे ने सीएम शिंदे की मौजूदगी में ज्वाइन किया है। बता दें कि इस दौरान डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस की मौजूद रहे। जानकारी के लिए बता दें कि नीलम गोरे विधान परिषद की उपसभापति हैं।
कौन हैं नीलम गोरे
जानकारी के लिए बता दें कि नीलम गोरे उद्धव ठाकरे की काफी करीबी मानी जाती हैं। नीलम शिवसेना की टूट के बाद से अब तक उद्धव ठाकरे गुट की नेता थीं। नीलम साल 2002, 2008, 2014 और 2020 में 4 बार विधानपरिषद के लिए चुनी जा चुकीं हैं। वहीं, 7 जुलाई 2022 से महाराष्ट्र विधान परिषद की उपसभापति हैं।
कई बड़े फैसले ले रहे- मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इस मौके पर कहा कि नीलम गोरहे का आज शिवसेना में अधिकृत प्रवेश हुआ है। जिस तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र में सरकार काम कर रही है ठीक उसी तरह राज्य में भी शिवसेना और बीजेपी की सरकार रहे ये सभी की इच्छा थी। हम राज्य के हित में कई बड़े फैसले ले रहे हैं जो आने वाले समय में जनता को लाभ पहुंचाएगी।
नीलम का शिंदे के साथ आने का क्या मतलब है?
नीलम गोरहे का आना एकनाथ शिंदे के लिए फायदे का साबित हो सकता है। राजनीतिक जानकारों की मानें तो इससे एकनाथ शिंदे की शिवसेना पार्टी पर पकड़ मजबूत हो गई है। शिवसेना के नेताओं पर सीएम शिंदे विश्वास कायम करने का काम किया है। ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि आने वाले चुनावों में एकनाथ शिंदे राज्य का बड़ा चेहरा बन उभरेंगे।
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