अदरक से लेकर काला नमक तक, किचन में मौजूद हैं बीमारी भगाने वाली कारगर चीजें
मौसमी बीमारियों को दूर करने के लिए डॉक्टर के पास जाने की बजाय किचन में रखी इन जादुई चीजों का सेवन करना फायदेमंद रहता है।
नए दौर में हम और आप रोज किसी न किसी बीमारी का शिकार हो जाते हैं। कई बार तो मौसमी बीमारियां ही परेशान कर डालती हैं। लेकिन हर बीमारी पर डॉक्टर के पास भागने की बजाय अगर आप किचन का रुख करेंगे तो फायदा होगा। आपके किचन में ही ऐसी एंटी बायोटिक चीजें हैं जो आपकी बीमारियों को दूर भगाने में अहम योगदान देती हैं।
आइए जानते हैं कि किचन में मौजूद ऐसी कौन सी चीजें हैं जो बीमारियों के दौरान मदद करती हैं।
शहद
शहद आपके किचन की शान है। शहद बेहद कारगर एंटी बायोटिक है। मौसमी बीमारियों में गर्म पानी के साथ शहद का सेवन करने पर फायदा होता है। शहद के एंटी बेक्टीरिया गुण पाचन शक्ति को भी मजबूत करते हैं। बच्चों को कब्ज हो तो गर्म पानी में शहद मिलाकर और दस्त लगे हों तो ठंडे पानी में शहद मिलाकर देने पर आराम होता है।
लहुसन
लहुसन कई बीमारियों में बतौर दवा इस्तेमाल किया जाता है। ये एंटी बेक्टीरयल है। पेट की खराबी होने पर, बदहजमी होने पर इसका इस्तेमाल किया जाता है। इतना ही नहीं लहुसन की कच्ची कलियों का सेवन करने से त्वचा संबंधी बीमारियां खत्म होती हैं औऱ त्वचा में कसाव आता है।
अजवायन
अजवायन बेहद कारगर एंटी बायोटिक मसाला है। इसका सेवन आमतौर पर पेट खराब होने के दौरान किया जाता है। ये शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाता है और साथ ही खून भी बढ़ाता है। पेट खराब हो या गैस बन रही हो तो अजवायन को काले नमक के साथ फंकी के रूप में लेने से आराम मिलता है।
अदरक
अदरक भी एंटी बेक्टीरियल गुणों से भरपूर होता है। खांसी में अदरक को तवे पर भून कर शहद के साथ सेवन करें तो खांसी खत्म हो जाती है। इतना ही नहीं अदरक के रस में काला नमक और नींबू मिलाकर पीने से पेट साफ होता है। यह शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है और चयापचय क्षमता को भी बढ़ाता है।
काला नमक
कई घरों में काला नमक इस्तेमाल किया जाता है। सफेद नमक की तुलना में काला नमक बेहद फायदेमंद होता है। काला नमक सलाद के साथ खाने पर वजन घटाने में काफी मदद मिलती है। अगर खांसी ने परेशान कर रखा है तो अदरक के टुकड़े पर काला नमक लगाकर चूसने पर आराम मिलता है। रोज सुबह उठते ही गुनगुने पानी में काला नमक मिलाकर पीने से शरीर के सभी विषाक्त तत्व बाहर निकल जाते हैं।