UP Politics: समाजवादी पार्टी (SP) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को 100 विधायकों के साथ सपा में शामिल होने पर उन्हें मुख्यमंत्री पद देने की पेशकश की है। अखिलेश यादव की इस पेशकश पर बाराबंकी में जवाब देते हुए केशव प्रसाद मौर्य ने कटाक्ष किया कि जिस तरह पानी से निकलने के बाद मछली तड़पती है, उसी तरह अखिलेश यादव सत्ता के बिना तड़प रहे हैं।
'उनके 100 विधायक खुद बीजेपी में शामिल होने को तैयार हैं'
उन्होंने कहा, "समाजवादी पार्टी अब समाप्तवादी पार्टी' हो गई है और उनके 100 विधायक खुद ही भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में शामिल होने को तैयार हैं, लेकिन हमें उन्हें तोड़ने की जरुरत नहीं, क्योंकि हमारी सरकार पूर्ण बहुमत में अच्छे से चल रही है।" मौर्य ने कहा कि अखिलेश यादव केशव प्रसाद मौर्य के समर्थक नहीं है, वह बीजेपी और पिछड़ों के विरोधी हैं और ऐसी बयानबाजी करके सुर्खियों में बने रहना चाहते हैं।
उन्होंने कहा, "अखिलेश यादव ने विधानसभा सत्र के दौरान भी मुझसे बेहद निंदनीय भाषा में बात की थी। जिस तरह वह बोले थे, वैसी भाषा किसी नेता की नहीं होती है।" उन्होंने आरोप लगाया, "अखिलेश नहीं चाहते हैं कि पिछड़े वर्ग का कोई नेता आगे बढ़े और बड़ा बने। वह केवल फूट डालो और राज करो के सिद्धांत पर काम करना चाहते हैं।" मौर्य ने दावा किया कि यादव की सत्ता में आने की यह मंशा अगले 25 साल तक पूरी नहीं होने वाली।
अखिलेश यादव उन्हें क्या चला पाएंगे- बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष
इससे पहले बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी ने अखिलेश के इस बयान का तल्ख जवाब देते हुए बड़ा दावा किया। उन्होंने बुधवार को सिलसिलेवार ट्वीट में कहा, "केशव जी संगठन के, पार्टी के प्रमाणित एवं बीजेपी की विचारधारा के लिए समर्पित कार्यकर्ता हैं। वह सदैव हमारे साथ रहेंगे, (वह) किसी स्वार्थ में पड़ने वाले नेता नहीं हैं। वह अखिलेश यादव को चलाएंगे, अखिलेश यादव उन्हें क्या चला पाएंगे।" चौधरी ने दावा किया, "अखिलेश यादव अपने गठबंधन, अपने परिवार की, अपनी पार्टी और अपने विधायकों की भी चिंता कर लें, क्योंकि उनके विधायक हमारे संपर्क में हैं।"
Image Source : File PhotoUP Deputy CM Keshav Prasad Maurya
बिहार का उदाहरण देते हुए अखिलेश यादव ने दिया ऑफर
गौरतलब है कि प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मंगलवार को एक निजी समाचार चैनल के कार्यक्रम में कहा था कि अगर उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य बिहार में हाल में हुए राजनीतिक घटनाक्रम से सबक लेते हुए अपने साथ 100 विधायक लेकर सपा में शामिल हो जाएं, तो वह (सपा अध्यक्ष) उन्हें (मौर्य को) मुख्यमंत्री बना देंगे।
वहीं, केशव प्रसाद मौर्य प्रदेश की पिछड़ी जातियों के बड़े नेता माने जाते हैं और योगी आदित्यनाथ की अगुवाई वाली पिछली सरकार की तरह मौजूदा सरकार में भी उन्हें उपमुख्यमंत्री बनाया गया है। बता दें कि प्रदेश में बीजेपी गठबंधन के पास 403 में से 273 विधायक हैं, जबकि समाजवादी पार्टी गठबंधन के कुल 125 सदस्य हैं।
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