नई दिल्ली: महाराष्ट्र में राजनीतिक अस्थिरता के कारण राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया है। चुनाव नतीजों के करीब 18 दिन बाद राज्यपाल के सिफारिश पर राष्ट्रपति शासन लगाया गया। इसी राष्ट्रपति शासन के खिलाफ शिवसेना ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है जिसमें आरोप लगाया गया है कि सरकार बनाने के लिए राज्यपाल ने उपयुक्त समय नहीं दिया है।
वहीं कांग्रेस-एनसीपी के रूख के कारण शिवसेना सकते में है लेकिन इस वक्त शिवसेना के निशाने पर केवल बीजेपी है। इस बीच उद्धव ठाकरे ने इस बात के संकेत दे दिए हैं कि वो कांग्रेस-एनसीपी से गठबंधन के लिए हिंदुत्व का मुद्दा छोड़ सकते हैं।
इस बीच आज एनसीपी विधायकों की अहम बैठक है जिसमें आगे की रणनीति पर विचार किया जाएगा। एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार इस बैठक में मौजूद रहेंगे। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल ये है कि क्या शिवसेना को एनसीपी-कांग्रेस का समर्थन मिलेगा या नहीं?
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