नागपुर: कांग्रेस ने आज कहा कि जिन दलों ने राज्यसभा के उपसभापति के चुनाव में राजग उम्मीदवार की जीत आसान बनाने के लिए विपक्षी एकता तोड़ी, उन्होंने अपना पाखंड बेनकाब कर लिया है। कांग्रेस प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने यह भी दावा किया कि वैसे तो कई दलों ने 9 अगस्त को चुनाव में विपक्षी उम्मीदवार के विरुद्ध वोट डाला लेकिन विपक्षी एकता बनी हुई है। संसद के ऊपरी सदन के चुनाव में जनता दल यूनाइटेड के हरिवंश नारायण सिंह ने विपक्षी उम्मीदवार कांग्रेस के बी के हरिप्रसाद को हरा दिया।
चतुर्वेदी ने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि चुनाव के नतीजे का यह मतलब नहीं है कि विपक्षी एकता टूट गई है। उन्होंने कहा,‘‘ढेर सारे लोग और दल जो (नरेंद्र) मोदी सरकार पर हमला करते रहे और स्वयं को आम लोगों की आवाज का प्रतिनिधित्व करने का दावा करते रहे, वे चुनाव से गैर हाजिर रहे या और उन्होंने सरकार के उम्मीदवार के विरोध में वोट नहीं डाला।’’ उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘उन्होंने अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ लिया और अपना पाखंड बेनकाब कर दिया।’’
ओड़िशा के सत्तारुढ़ बीजू जनता दल (बीजद) और दिल्ली पर शासन करने वाली आम आदमी पार्टी ने चुनाव में विपक्षी एकता से दूरी बनाई और राजग उम्मीवार की जीत प्रशस्त हो गई। दोनों ही दल अपने अपने राज्यों में भाजपा के कट्टर विरोधी हैं। वाईएसआर कांग्रेस पार्टी मतदान से दूर रही।
चतुर्वेदी ने कहा कि बोफोर्स सौदे में कांग्रेस पर बहुत कीचड़ उछाली गई लेकिन कांग्रेस जांच से नहीं भागी। कांग्रेस और उच्चतम न्यायालय के प्रति खुद को जवाबेहद बनाया। अटल बिहारी वाजपेयी ने भी प्रधानमंत्री रहने के दौरान हमें आरोपों से मुक्त कर दिया।
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