संसद के मानसून सत्र को लेकर संसदीय कार्यमंत्री प्रहलाद जोशी ने स्थिति साफ करने का प्रयास किया है। प्रहलाद जोशी ने कहा कि संसद के मानसून सत्र के लिए संविधान में जो व्यवस्था है, उनका पालन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार औपचारिकताएं और सावधानियां करेगी। इससे पहले खबर आई थी, संसद के दोनों सदनों के महासचिवों को शनिवार को आगामी मॉनसून सत्र के लिए जरूरी बंदोबस्त करने को कहा गया है जिसमें सदस्य सामाजिक दूरी के नियमों का पालन करते हुए प्रत्यक्ष रूप से भाग ले सकते हैं। बता दें कि मानसून सत्र की तारीख अभी तय नहीं हुई है।
सूत्रों के अनुसार कोरोना संकट के बीच संसद के मॉनसून सत्र में सांसद भाग ले सकेंगे। सूत्रों के मुताबिक दोनों सदनों की बैठक उनके संबंधित चैंबरों से ही संचालित होने की संभावना है। लोकसभा और राज्यसभा के शीर्ष अधिकारियों को इस बारे में सूचित कर दिया गया है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू ने शनिवार को कोविड-19 महामारी के मद्देनजर सत्र आयोजित करने के संबंध में विचार-विमर्श किया।
सूत्रों के अनुसार, सांसदों की बैठक व्यवस्था संसद परिसर में विभिन्न स्थानों पर की जाएगी। उन्होंने कहा कि सांसदों के बैठने के लिए विभिन्न विकल्पों पर विचार चल रहा है जिनमें दोनों सदनों की लॉबियों और गैलरियों में, सेंट्रल हॉल में और पुस्तकालय भवन के बालयोगी सभागार में बैठक व्यवस्था की जा सकती है।
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