तो इस वजह से अटल बिहारी वाजपेयी ने नहीं की शादी
हर कोई जानता है कि भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने अविवाहित थे। लेकिन जब भी उनसे शादी का जिक्र किया जाता था तो वह हमेशा कहते थे कि व्यस्तता के चलते उन्हें कभी शादी करने का अवसर ही नहीं मिला।
नई दिल्ली: हर कोई जानता है कि भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने अविवाहित थे। लेकिन जब भी उनसे शादी का जिक्र किया जाता था तो वह हमेशा कहते थे कि व्यस्तता के चलते उन्हें कभी शादी करने का अवसर ही नहीं मिला। उनके करीबी लोगों का मानना है कि राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ की सेवा के लिए उन्होंने अविवाहित रहने का फैसला किया था। पूर्व पत्रकार राजीव शुक्ला को दिए एक इंटरव्यू में जब उनसे उनकी शादी को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने इसके जवाब में कहा कि 'घटनाचक्र ऐसा चलता गया कि मैं उसमें उलझता गया और विवाह का मुहूर्त नहीं निकल पाया।' (Vajpayee Health Latest Updates: पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी की हालत बेहद नाजुक, पीएम मोदी दोबारा एम्स पहुंचे )
इस इंटरव्यू में उन्होंने इस बात को भी कुबूल किया कि, 'हां, अकेला महसूस तो करता हूं, भीड़ में भी अकेला महसूस करता हूं।' दक्षिण भारत के पत्रकार ने एक इंटरव्यू में अटल और राजकुमारी कौल की प्रेम कहानी को लेकर दिलचस्प किस्से शेयर किए। एक अन्य इंटरव्यू में कुलदीप नैयर के अनुसार, श्रीमती कौल और अटल बिहारी वाजपेयी की मुलाकात ग्वालियर के एक कॉलेज में हुई थी। अटल जी उस कॉलेज में पढ़ा करते थे। वो ऐसे दिन थे जब लड़के और लड़कियों की दोस्ती को अच्छा नहीं माना जाता था। इसलिए आमतौर पर प्यार होने पर भी लोग भावनाओं का इजहार नहीं कर पाते थे। अटल बिहारी वाजपेयी और श्रीमती कौल के रिश्तों को लेकर पत्रकार गिरीश निकम ने अपने अनुभव में बताया कि, उन दोनों के बीच एक खूबसूरत रिश्ता था। तब भी वह अटल जी को फोन करते थे तो फोन श्रीमती कौल उठाती थी।
श्रीमती कौल के एक करीबी का कहना था कि, राजकुमारी कौल अटल जी से प्रेम करती थी और वह उनसे शादी भी करना चाहती थीं। लेकिन इस बात का उनके घर में जबरदस्त विरोध हुआ। और उनकी अटलजी से शादी नहीं हो पाई। इंडिया टीवी के चयरमैन और एडिटर-इन-चीफ रजत शर्मा को दिए एक इंटरव्यू में यह पूछे जाने पर कि क्या वह कम्यूनिस्ट विचारधारा से प्रभावित है? इसके जवाब में अटलजी ने कहा कि, वो जीवन में कभी भी कम्युनिस्ट नहीं रहे, हालांकि उन्होंने कम्युनिस्ट साहित्य जरूर पढ़ा है। उन्होंने कहा था- 'एक बालक के नाते मैं आर्यकुमार सभा का सदस्य बना।