नई दिल्ली: भारत और अमेरिका के बीच गुरुवार को हुई ऐतिहासिक '2+2' वार्ता में दोनों देशों के मंत्रियों ने तमाम मुद्दों पर बात की। इस बैठक में भारत एवं अमेरिका के रक्षा एवं विदेश मंत्रियों के बीच पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद, आपसी सुरक्षा, व्यापार समेत तमाम मसलों पर चर्चा हुई। दोनों ही देशों के विदेश और रक्षा मंत्रियों ने संयुक्त बयान जारी कर वार्ता को रचनात्मक बताया। भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने अमेरिका द्वारा लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों को ग्लोबल टेररिस्ट्स की सूची में डालने का स्वागत किया।
इस दौरान दोनों देशों के बीच अहम सुरक्षा समझौते COMCASA पर दस्तखत हुए। इस समझौते के बाद अमेरिका संवेदनशील सुरक्षा तकनीकों की बिक्री भारत को कर सकेगा। इस समझौते की खास बात यह है कि भारत पहला ऐसा गैर-नाटो देश होगा, जिसे अमेरिका ने यह सुविधा देने की घोषणा की है। इस मौके पर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने अमेरिका के मंत्रियों के सामने ही पाकिस्तान को खूब सुनाया। सुषमा ने कहा कि अमेरिका द्वारा लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों की नामजदगी स्वागत योग्य है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि दोनों देश मुंबई हमलों की 10वीं वर्षगांठ पर इसके दोषियों को सजा दिलाने के लिए सहयोग बढ़ाने पर सहमत हुए हैं।
सुषमा ने कहा कि अमेरिका भारत को एनएसजी सदस्यता के लिए सहयोग करेगा। उन्होंने कहा कि हमने विदेश मंत्री और रक्षा मंत्री तथा उनके अमेरिकी समकक्षों के बीच हॉटलाइन स्थापित करने का फैसला किया है। सुषमा ने कहा कि हमारी वार्ता के दौरान सीमा-पार आतंकवाद के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। वहीं, अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने COMCASA समझौते को काफी अहम बताया। रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि COMCASA रक्षा समझौता भारत की क्षमताओं में बढ़ोतरी करेगा।
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