Yasin Malik: दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने टेरर फंडिंग केस (Terror Funding Case ) में कश्मीरी अलगाववादी नेता यासीन मलिक (Yasin Malik) को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके बाद उन्हें 7 नंबर जेल में रखा गया है। तिहाड़ जेल के डीजी संदीप गोयल के मुताबिक यह एक सेपरेट बैरक है, जहां यासीन मालिक की सुरक्षा को लेकर खास ध्यान दिया जा रहा है। सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है।
जेल प्रसाशन के मुताबिक तिहाड़ जेल पहुंचने के बाद यासीन थोड़ा बेचैन दिखा, जेल में मिलने वाला खाना भी यासीन ने देर से खाया। यासीन की सुरक्षा को लेकर जेल अधिकारियों द्वारा मीटिंग भी की गई और यासीन की सुरक्षा पर खास निगाह रखने का आदेश दिया गया है। यासीन मलिक के जेल के करीब कोई न जाए और वो जेल में खुद को कोई नुकसान न पहुंचाए, इसके लिए भी सख्त इंतेज़ाम किए गए हैं।
गौरतलब है कि टेरर फंडिंग मामले में दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने कश्मीरी अलगाववादी नेता यासीन मलिक को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इसके अलावा आतंकी यासीन मलिक पर 10 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। मलिक को कुल 2 मामलों में उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। पटियाला हाउस कोर्ट स्थित एनआईए (NIA) की विशेष अदालत ने सजा का ऐलान किया।
टेरर फंडिंग मामले में है दोषी
जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के प्रमुख यासीन मलिक ने टेरर फंडिंग एक मामले अपना गुनाह कबूल कर लिया था। स्पेशल जज प्रवीण सिंह ने 19 मई को यासीन मलिक को दोषी करार दिया था और एनआईए को उसकी वित्तीय स्थिति का आकलन करने को कहा था, ताकि उस पर लगाये जा सकने वाले जुर्माने को निर्धारित किया जा सके। मलिक को अधिकतम सजा के तौर पर फांसी, जबकि न्यूनतम सजा के तौर पर उम्र कैद सुनाई जा सकती है।
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