केंद्र सरकार ने कुछ यूट्यूब चैनलों पर चलने वाले फर्जी खबरों को लेकर कार्रवाई की है। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने इन यूट्यूब चैनलों पर ये एक्शन लिया है। यह यूट्यूब चैनल गुमराह करने के लिए टीवी चैनलों के एंकरों की पिक्चर, क्लिकबेट और सनसनीखेज थंबनेल का उपयोग करते हैं। केंद्र सरकार समय-समय पर गलत और भ्रामक कंटेंट प्रसारित करने वाले यूट्यूब चैनलों पर लगाम कसती रहती है। पिछले साल दिसंबर में भी सरकार ने फर्जी खबरें फैला रहे तीन यूट्यूब चैनलों पर रोक लगाने को कहा था।
टीवी न्यूज एंकरों के नकली फोटो का दिखाते थंबनेल
बता दें कि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने यूट्यूब चैनलों पर चलने वाली फर्जी खबरों पर कार्रवाई की है। एक्शन के दायरे में आए चैनल फर्जी समाचार अर्थव्यवस्था का हिस्सा हैं। सरकार ने कहा कि ये चैनल गुमराह करने के लिए टीवी चैनलों के न्यूज एंकरों के नकली, क्लिकबेट और सनसनीखेज थंबनेल और फोटो का उपयोग करते हैं। इससे पहले भी पिछले साल दिसंबर में सरकार ने यूट्यूब से विभिन्न लोक कल्याणकारी पहलों के बारे में झूठे और सनसनीखेज दावे करने और फर्जी खबरें फैलाने के लिए तीन चैनलों पर रोक लगाने के लिए कहा था। पत्र सूचना कार्यालय की ‘फैक्ट चेक यूनिट’ ने मंगलवार को तीन चैनलों को फर्जी खबरें फैलाने वाला घोषित किया था।
पिछले साल 104 यूट्यूब चैनलों पर हुई कार्रवाई
केंद्र सरकार ने पिछले साल दिसंबर में हुए संसद सत्र के दौरान राज्यसभा में कहा था कि देश के खिलाफ मुहिम चलाने वाले और समाज में भ्रम और भय फैलाने को लेकर यूट्यूब के 104 चैनलों के साथ ही ट्विटर के पांच एकाउंट और छह वेबसाइट के खिलाफ आईटी कानून के तहत कार्रवाई की गई है। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने उच्च सदन में प्रश्नकाल के दौरान पूरक सवालों के जवाब में यह जानकारी दी थी। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में अब तक यूट्यूब के 104 चैनल, 45 वीडियो, फेसबुक के चार एकाउंट और दो पोस्ट, इंस्टाग्राम के तीन व ट्विटर के पांच एकाउंट और छह वेबसाइट के खिलाफ कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही दो ऐप को भी प्रतिबंधित किया गया है।
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