नई दिल्ली। 500 और 1000 के पुराने नोट को बदलने को लेकर भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) का एक लेटर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। दरअसल, 8 नवंबर 20219 को मोदी सरकार ने नोटबंदी का बड़ा फैसला लेते हुए अचानक से 500 और 1000 के नोटों को बंद करने की घोषणा की थी। हालांकि, इसके बाद भी लोगों को बैंक से नोट बदलने की इजाजत दी गई थी। 500 और हजार के पुराने नोटों को लेकर अक्सर सोशल मीडिया पर गलत जानकारी साझा की जाती है, जिससे सावधान रहने की जररूत है।
बता दें कि, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नाम से जारी इस FAKE आदेश में दावा किया जा रहा है कि विदेशी नागरिकों के लिए भारतीय विमुद्रीकृत करेंसी की विनिमय सुविधा को और आगे बढ़ा दिया गया है।
जानिए क्या है सच्चाई
सोशल मीडिया पर आरबीआई के वायरल लेटर को लेकर सरकार के लिए भ्रामक तथ्यों की जांच करने वाली प्रेस इनफार्मेशन ब्यूरो (PIB) की फैक्ट चेक टीम ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस दावे को लेकर ट्वीट करते हुए कहा कि विदेशी नागरिकों के लिए भारतीय विमुद्रीकृत करेंसी नोटों की विनिमय सुविधा 2017 में समाप्त हो गई है। आरबीआई के नाम से जारी किया गया ये आदेश पूरी तरह से फेक है। भारतीय मुद्रा 500 और 1000 के नोटों के बदलने को लेकर ऐसा कोई आदेश नहीं जारी किया गया है।
दरअसल, सोशल मीडिया पर पुराने नोटों को लेकर अक्सर आरबीआई का कोई-कोई न कोई पुराना लेटर बताकर शेयर कर दिया जाता है। पहले भी 5, 10 और 100 रुपए के पुराने नोटों को लेकर अफवाह फैलाई गई थी वे ये नोट अप्रैल 2021 के बाद से चलन से बाहर कर दिए जाएंगे। हालांकि, आरबीआई की तरफ से ऐसा कोई आदेश नहीं दिया गया था न ही कोई पत्र जारी किया गया था।
आप भी करवा सकते हैं फैक्ट चेक
अगर आपको भी कोई ऐसा मैसेज मिलता है तो फिर उसको पीआईबी के पास फैक्ट चेक के लिए https://factcheck.pib.gov.in/ अथवा वॉट्सऐप नंबर +918799711259 या ईमेलः pibfactcheck@gmail.com पर भेज सकते हैं। यह जानकारी पीआईबी की वेबसाइट https://pib.gov.in पर भी उपलब्ध है।
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