मिट्टी में खेलना बच्चों के लिए हैं लाभदायक, स्वामी रामदेव से जानिए इसके फायदे
मिट्टी-बालू में ऐसे कई गुड बैक्टीरिया है जो इम्यून पावर बढ़ाते हैं। रेस्पिरेटरी सिस्टम,डायजेस्टिव सिस्टम को बीमारियों से लड़ने के लायक बनाते हैं।
'मिट्टी में मत खेलो..कपड़े गंदे हो जाएंगे' अगर आप भी अपने बच्चों को मिट्टी में खेलने से रोकते हैं। तो फिर आज से ही ऐसा करना बंद कर दीजिए। क्योंकि मिट्टी-कीचड़ और बालू में ऐसे माइक्रोऑर्गेनिज्म होते हैं। जो उनकी सेहत के लिए अच्छे है। मिट्टी-बालू में ऐसे कई गुड बैक्टीरिया है जो इम्यून पावर बढ़ाते हैं। रेस्पिरेटरी सिस्टम,डायजेस्टिव सिस्टम को बीमारियों से लड़ने के लायक बनाते हैं। जी हां अब तक ये माना जाता था कि मिट्टी में खेलना हाईजीनिक नहीं है। लेकिन इटली की पलेर्मो यूनिवर्सिटी की रिसर्च अब ये कहती है कि नेचुरल एनवायरमेंट में आजादी से घूमना बच्चों को बीमारियों के खिलाफ ज्यादा मजबूत बनाता है। इतना ही नहीं ज्योत्सना मिट्टी-कीचड़-बालू में खेलने से बच्चों में सेंसरी सेंस भी जल्दी डेवेलप होता हैं। रिसर्च के मुताबिक जो बच्चे ब्लू और ग्रीन स्पेस में ज्यादा वक्त बिताते हैं वो बड़े होकर बीमार कम होते हैं क्योंकि उन्हें एलर्जी और डायजेशन की प्रॉब्लम नही होती।
बस यही बात सुनने को रह गई थी। एलर्जी और डायजेशन प्रॉब्लम पिछले 20 साल में खराब हाजमा ग्लोबल प्रॉब्लम बन गया है और इसकी सबसे बड़ी वजह है कब्ज की परेशानी क्योंकि अकेले कॉन्स्टिपेशन पेट की तमाम बीमारियों को लेकर आता है। और कोई शक नहीं कि इसके पीछे बड़ी वजह लोगों की लापरवाही है। कब्ज से परेशान 80 फीसदी लोग इलाज में देरी करते हैं। जबकि 22% भारतीय कब्ज की परेशानी से जूझ रहे हैं। जिसमें 20% लोगों को क्रॉनिक कोन्स्टिपेशन है और मेडिकल जर्नल लैंसेट के मुताबिक कब्ज की पुरानी समस्या डिप्रेशन की वजह भी बन सकती है। खासतौर पर जो लोग शुगर के पेशेंट हैं उन पर दूसरों के मुकाबले पेट खराब होने का रिस्क डबल होता है। तो वहीं हाइपो-थायरॉडिज्म के मरीज पर ये खतरा ढाई गुणा ज्यादा होता है। जो महिलाएं मां बनने वाली हैं उन्हें भी सर्दी के इस मौसम में अलर्ट रहने की जरुरत है क्योंकि हर चार में से एक प्रेग्नेंट वुमन को कॉन्स्टिपेशन की परेशानी होती है। अब सवाल ये है कि डायजेशन सिस्टम प्रॉपर रहे इसके लिए क्या करें। तो सबसे जरुरी है योगाभ्यास जो इंडिया टीवी के साथ रोजाना करेंगे। तो मौसम कोई भी हो आप हेल्दी रहेंगे इसके अलावा और क्या क्या करना है ये बताएँगे स्वामी रामदेव।
विटामिन बी9 यानी फोलिक एसिड पुरुष और महिलाओं के लिए है बहुत जरूरी, जानिए इसके लक्षण
पलेर्मो यूनिवर्सिटी इटली की रिसर्च मिट्टी के माइक्रोऑर्गेनिज़्म फायदेमंद
सेंसरी सेंस जल्दी डेवलप होते हैं
इम्यूनिटी पावर बढ़ती है
एलर्जी से दूर रखते हैं
पाचन अच्छा रहता है
डिप्रेशन या एंग्जाइटी से बचने के लिए डेली रूटीन में शामिल करें ये आहार, जल्द मिलेगी राहत
- खराब पाचन
- ग्लोबल टेंशन
- देश के 22% लोग कब्ज के शिकार
- 20% लोगों को गंभीर कॉन्स्टिपेशन
- 80% करते हैं इलाज में लापरवाही
- शुगर के मरीज़ 2.2 गुना ज़्यादा
- हाइपो-थायराइड 2.4 गुना ज़्यादा मरीज
- प्रेगनेंट महिलाएं हर 4 में से 1 परेशान
सर्दी में रखें ख्याल
- कब्ज़ रहेगा दूर
- फिज़िकल एक्टिविटी करें
- चाय-कॉफी कम पीएं
- ज़्यादा पानी पीएं
- स्मोकिंग-एल्कोहल से बचें
- स्ट्रेस ना लें
सर्द मौसम बिगड़ा पाचन
- हाई कैलोरी फूड
- वर्कआउट ना करना
- पानी कम पीना
- कमजोर इम्यूनिटी
- मोटापा
पेट सेट हेल्थ परफेक्ट
- सुबह उठकर गुनगुना पानी पीएं
- 1-2 लीटर पानी एक बार में पीएं
- पानी में सेंधा नमक-नींबू मिला सकते हैं
- पानी पीने के बाद 5 मिनट स्ट्रेचिंग करें
कब्ज की छुट्टी
- सौंफ और मिश्री चबाएं
- जीरा,धनिया,सौंफ का पानी लें
- खाने के बाद अदरक खाएं
आंत होगी मजबूत
- गुलकंद है फायदेमंद
- गुलाब के पत्ते
- सौंफ
- इलायची
- शहद
- मिलाकर पेस्ट बनाएं
- रोज़ 1 चम्मच खाएं
कब्ज होगी दूर
- फल खाएं
- पपीता
- बेल
- सेब
- अनार
- नाशपाती
- अंगूर